सत्यनारायण व्रत

सत्यनारायण व्रतकथापुस्तिका में यह बताया गया है कि सत्यनारायण भगवान की पूजा कैसे की जाय। जो व्यक्ति सत्यनारायण की पूजा का संकल्प लेते हैं उन्हें दिन भर व्रत रखना चाहिए। पूजन स्थल को गाय के गोबर से पवित्र करके वहां एक अल्पना बनाएं और उस पर पूजा की चौकी रखें। इस चौकी के चारों पाये के पास केले का वृक्ष लगाएं। इस चौकी पर ठाकुर जी और श्री सत्यनारायण की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा करते समय सबसे पहले गणपति की पूजा करें फिर इन्द्रादि दशदिक्पाल की और क्रमश: पंच लोकपाल, सीता सहित राम, लक्ष्मण की, राधा कृष्ण की। इनकी पूजा के पश्चात ठाकुर जी व सत्यनारायण की पूजा करें। इसके बाद लक्ष्मी माता की और अंत में महादेव और ब्रह्मा जी की पूजा करें।


Satyanarayana Vrat katha Satyanarayana Vrat katha

पूजा के बाद सभी देवों की आरती करें और चरणामृत लेकर प्रसाद वितरण करें। पुरोहित जी को दक्षिणा एवं वस्त्र दे व भोजन कराएं। पुराहित जी के भोजन के पश्चात उनसे आशीर्वाद लेकर आप स्वयं भोजन करें।

Aarti

Jai Lakshmi Ramana, Swami Jai Lashmi Ramana, Satyanarayan Swami, Jan Patak Harana, Jai Lakshmi Ramana

Ratan Ja Rat Singhasan, Adhbut Chabee Rajey Narad Kahat Niranjan, Ghanta dhun bhajey Jai Lakshmi Ramana.............

Praghat Bhaye Kali Karan, Dwaj Ko Daras Diya Budha Brahman Bankey, Kanchan Mahal Kiya Jai Lakshmi Ramana.............

Durbal Bhil Kathier, Jan Par Kripa Karey Chandra Choor Ik Raja, Jinaki Vipat Hare Jai Lakshmi Ramana.............

Vayesh Manorath Payo, Shradha Uj Dini So Fal Bhogyo Prabhji, Fer Ustati Kini Jai Lakshmi Ramana.............

Bhav Bhagti Ke Karan, Chhin Chhin Roop Dharya Sharda Dharan Kini, Tin Ka Karj Sarya Jai Lakshmi Ramana.............

Gwal Bal Sang Raja, Ban Mein Bhagti Karey Man Vanchit Fal Dino, Deen Dayal Harey Jai Lakshmi Ramana.............

Charhat Prasad Sawayo, Kadali Fal Mewa Doop Dheep Tulsi Se, Raje Sat Deva Jai Lakshmi Ramana.............

Shri Satya Narayan Ji Ki Aarti jo koi gaavey Kahat Shianand Swami Man Van Chit Fal Paavey Jai Lakshmi Ramana.............