दूसरी दुनिया-प्रेत लोक का रहस्य-

दूसरी दुनिया-प्रेत लोक का रहस्य-

दूसरी दुनिया-प्रेत लोक का रहस्य-

 

जानिए प्रेत कैसे बनते है ?

एवं प्रेत योनि से छुटकारे का उपाय-

 

 मृत्यु के बाद क्या होता है व्यक्ति के कर्म का फल भोगने के लिए नए शरीर का इंतजार किया जाता है, तब तक आत्मा को निष्क्रिय रखा जाता है जैसे ही व्यक्ति के कर्म और संस्कारों के अनुरूप गर्भ तैयार होता है, व्यक्ति की आत्मा वहां प्रवेश कर नए शरीर का निर्माण करती है।।

 

 कभी कभी मृत्यु के बाद दोबारा जन्म लेने में काफी साल लग जाते हैं, और कभी-कभी तुरंत जन्म हो जाता है, निर्भर करता है आपके इस जन्म के कर्म पर, साधना की विशेष दशाओं में जीते जी शरीर से आत्मा को अलग कर सकते हैं लेकिन यह मृत्यु नहीं होती, यह साधना की उच्च अवस्था होती है ।।

 

व्यक्ति जब बहुत ज्यादा पाप कर्मों के बाद मृत्यु को प्राप्त करता है, तो उसकी समस्त इच्छाएं उसके साथ रह जाती है, और वह प्रेत योनि में चला जाता है, ऐसे प्रेत योनि की आत्माएं तब तक अतृप्त रहती हैं, जब तक उन्हें मुक्ति नहीं मिल जाती, या मुक्ति हेतु उपाय ना किए जाएं।।

 

 अस्वाभाविक मृत्यु ,आत्महत्या,या दुर्घटनाओं से मृत व्यक्ति प्रेत योनि में जाते हैं, लंबे समय तक मुक्त नहीं होते किसी शुभ कर्म के व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसका जन्म व लंबे समय तक नए शरीर का निर्माण तक नहीं होता है, क्योंकि उसके लिए शुभ शरीर की आवश्यकता होती है।।

 

 ऐसी आत्माएं लोगों के लिए शुभ ही करती हैं और सन्मार्ग दिखाती हैं, इन्हें पितृ कहा जाता है अगर आप लोगों पर इनकी छाया है, पितृ शक्ति का होना एक सुरक्षा है, जो व्यक्ति की सुरक्षा करता है।।

 

 मृत्यु के बाद जो शुभ कर्म वाले होते हैं, वह पितृ और जो अशुभ कर्म वाले होते हैं वह प्रेत बनते हैं।।

 

यदि हमारे कोई पूर्वज या कोई अपना प्रेत योनि में हो तो क्या करें?

 

 श्रीमद् भागवत का पाठ, निर्धनों को दान, गरीबों की सेवा, करना

 अमावस्या को पितृ के प्रति उपाय करना, गुरु का रत्न पीला पुखराज पहनना व दान करना भी प्रेत योनि से मुक्त करता है गाय व कुत्तों की विशेष रूप से सेवा करने से भी प्रेत योनि से आपके पितृ मुक्त होते हैं ।।

 

भगवान श्री कृष्ण व भगवान शिव की उपासना से भी व्यक्ति प्रेत योनि से मुक्त होता

Talk to Astrologer

Talk to astrologer & get live remedies and accurate predictions.