शारदीय नवरात्रि -घट स्थापना मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि -घट स्थापना मुहूर्त
 
 
इस वर्ष नवरात्रि की में 6 श्रेष्ठ मुहूर्त आ रहे हैं जिसके साथ में  अमृत सिद्धि योग
 जैसे विशेष 6 योग मिले हैं,
इस वर्ष विक्रम संवत 2076 अश्विन शुक्ल
 पक्ष की प्रतिपदा तिथि रविवार हस्त नक्षत्र ब्रह्मा योग से नवरात्रि घट स्थापन आरंभ
 हो रहा है जिस वर्ष 9 दिन पुण  होते हैं उस वर्ष सम्मत अच्छा निकलता है सभी की
 मनोकामना पूर्ण होती है
,घटस्थापना के मुहूर्त अपने-अपने परंपराओं के अनुसार
 घट स्थापना करनी चाहिए,घट स्थापना का प्रातकाल 6:54 से 12:21 तक
 घट स्थापना की से श्रेष्ठ मुहूर्त रहेंगे उसके बाद दोपहर 1:50 से 2:19 तक श्रेष्ठ 
मुहूर्त रहेगा प्रदोष काल शाम को जिनको स्थापना करनी हो उनके लिए 6:17 से 10:54
 तक श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा, इन समय आप अपने अपने हिसाब से अपने घर पर
 घटस्थापना करें अखंड दीपक जलाएं या अपनी परंपराओं के अनुसार 9 दिन तक माता जी
 की पूजन करें,जैसा कि आपको पता है कई व्यक्ति दीपदान के लिए आप को गुमराह
 करते हैं आप नवरात्रि में घी का दीपक जलाने से लक्ष्मी प्राप्ति होती है तिल्ली का तेल 
सोयाबीन कपास मूंगफली के तेल से दीपक जलाने से शक्ति प्राप्त होती है,कई व्यक्ति
 हनुमान जी के यहां पीपल के यहां या किसी के द्वारा बताए जाने पर जैसे सरसों के तेल का
 दीपक जलाते हैं पहले सोच समझ कर के ही जलाएं क्योंकि सरसों के तेल के दीपक जलाने
 से दीपक जलाने वाले व्यक्ति के ही एक्सीडेंट घर की लक्ष्मी घर में कलेश पैदा होना क्या 
लक्ष्मी नष्ट होना इसलिए सरसों के तेल से कभी भी दीपक नहीं जला में अपने शत्रुओं को 
भी नहीं जलाने के लिए कहा जाए,नवरात्रि के अंदर आप दुर्गा सप्तशती के पाठ जैसे
 दुर्गा की 32 नामावली 108 नाम कुंजिका पाठ कवच अर्गला किलक देवी अथर्वशीर्ष के
 साथ नवाणन्यास सप्तशती न्यास एवं दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय का पाठ करें देवी
 रात्रि सुक्त देवी तंत्रोक्त सुक्त तीनों रहस्य के पाठ करना चाहिए,इसके अलावा 
कोई गायत्री के जप महामृत्युंजय अनुष्ठान,या श्री सूक्त के पाठ श्री सूक्त का पाठ उसी
 व्यक्ति को करना चाहिए जिस व्यक्ति के इमानदारी का पैसा आता हो हराम का पैसा नहीं
 आता हो जिस व्यक्ति के पास हराम का पैसा आता हो या रिश्वत जैसे पैसे आते हो या किसी
 को गुमराह करके पैसा निकलता हो तो श्री सूक्त के पाठ करने से उसकी सारी संपत्ति नष्ट हो
 सकती है,सोच समझकर के श्री सूक्त का पाठ करें या फिर कनकधारा स्त्रोत का पाठ करते
 रहें जिन व्यक्तियों को रिश्वत के पैसे आते हो या किसी को गुमराह करके पैसा निकालता हो उसे
 कनकधारा स्त्रोत का पाठ ही करना चाहिए जैसे कि उसकी लक्ष्मी बढ़ती रहे नष्ट नहीं हो
 इस वर्ष मंगलवार को विजयादशमी पर्व रहेगा जो श्रवण नक्षत्र युक्त रहेगा जिस वर्ष मंगलवार
 को श्रवण नक्षत्र युक्त विजयादशमी रहती है सभी लोग खुशहाल रहते हैं राजा की विजय होती
 है इस वर्ष मंगलवार को दशहरा रहने के कारण भारत देश की खेती देश विदेशों में बढ़ती रहेगी
 एवं विजयादशमी मंगलवारी होने के कारण सभी शत्रु प्राप्त होते रहेंगे, विजयादशमी के दिन
 शमी  की पूजन की जाती है या अपने घर पर शम्मी का वृक्ष लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति रहेगी
 एवं सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती रहेगी।