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मंगल 27 जून 2018 को अपनी उच्च राशि मकर में वक्री

 वक्री  मंगल के कारण सभी राशियां प्रभावित होंगी। जो लोग मंगल की महादशा, अंतर्दशा से गुजर रहे हैं, या जिनकी जन्मकुंडली में मंगल वक्री हों या नेष्टप्रद हों उन्हें इस दौरान कई तरह के संकटों से गुजरना पड़ सकता है। लोगों पर कर्ज बढ़ेगा, भूमि, भवन, संपत्ति संबंधी कार्य अटकेंगे।
 
शनि पहले से ही वक्री चल रहा है और मकर शनि की ही राशि है जिसमें मंगल वक्री हो रहा है। दोनों ग्रह मंगल और शनि के एक साथ वक्रत्व काल से गुजरना शुभ नहीं है। इससे पृथ्वी पर अनाचार, अत्याचार बढ़ेंगे। बड़ी प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। धरती के कुछ इलाकों में अति वृष्टि के कारण तबाही आ सकती है। भूकंप, बाढ़, जलजला, समुद्र में तूफान, समुद्र में ज्वालामुखी का फटना, समुद्र में भूकंप, तेल के कुओं में आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। देश में बड़ी राजनीति उठापटक होगी। किसी बड़े नेता की हानि हो सकती है। सैन्य प्रधान देशों में स्थिति बिगड़ सकती है।
 
27 अगस्त तक रहेगा प्रभाव
 
 बुधवार, दिनांक 27 जून 2018 को मंगल शनि की राशि मकर में वक्री हो रहा है। मकर मंगल की उच्च राशि भी है। यह ग्रह 26-27 जून की मध्यरात्रि के बाद 2.45 मिनट पर वक्री होगा और 27 अगस्त 2018 भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा सोमवार को सायं 7.45 बजे इसी राशि में मंगल मार्गी हो जाएगा।
 
किस राशि पर होगा क्या प्रभाव
 
मेष: मेष मंगल की ही राशि है। दशम में मंगल वक्री होने की दो स्थितियां हैं। पहली यदि जिनकी कुंडली में जन्म से मंगल वक्री है तो उन्हें इस दौरान बहुत शुभ समाचार मिलने वाले हैं। उन्हें नौकरी में प्रमोशन मिलेगी। आर्थिक कार्यों की बाधाएं समाप्त होंगी। खुद का मकान बना पाएंगे। संपत्ति, प्लॉट खरीदेंगे। दूसरी स्थिति यह है कि जिनकी कुंडली में मंगल वक्री नहीं है उन्हें मंगल के वक्रत्व काल में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। आर्थिक संकट बढ़ेगा, कर्ज लेने की नौबत आएगी। पुराना कर्ज नहीं चुका पाएंगे। संपत्ति बिक सकती है।
 
 
 वृषभ इस राशि के लिए मंगल वक्री नवम स्थान यानी कर्म भाव में होगा। इससे उनके कार्य प्रभावित होंगे। वृषभ राशि वालों के कई कार्य अटक जाएंगे। आर्थिक योजनाओं पर विराम लग जाएगा। इन जातकों का किसी भी काम में मन नहीं लगेगा। मन, मस्तिष्क और शरीर में आलस्य छाया रहेगा। संपत्ति संबंधी कार्य इस दौरान ना करें तो ही ठीक रहेगा। कर्ज देने-लेने से बचें।
 
 
मिथुन: इस राशि वालों के लिए मंगल अष्टम भाव में वक्री हो रहा है। बहुत संभलकर चलने का समय रहेगा। खासकर किसी तरह के वाद-विवाद में न उलझें। छोटी बीमारी को भी हल्के में ना लें। यात्राएं करने में सावधानी रखें, वाहन से चोट लगने की आशंका है। कोर्ट-कचहरी, अदालती मामलों से बचने का प्रयास करें। भाई-बंधुओं से विवाद जल्द सुलझा लें।
 
 
कर्क: कर्क राशि वाले जातकों के लिए मंगल सप्तम भाव में वक्री हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाला है। दांपत्य जीवन में विवाद बढ़ेंगे। पति-पत्नी के संबंधों में खटास आएगी। जो युवक-युवतियां किसी तरह की रिलेशनशिप में हैं उनमें ब्रेकअप होने की तक की संभावना है। परिवार के बुजुर्गों से मतभेद होंगे।
 
 
सिंह: इस राशि वालों के लिए मंगल छठे भाव में वक्री हो रहा है। यह रोग और गुप्त शत्रुओं का स्थान है इसलिए मंगल के वक्रत्व काल में सिंह राशि वाले जातक सबसे ज्यादा बीमारियों से परेशान रहेंगे। इन्हें कोई पुराना रोग उभर सकता है। किडनी और पेट से नीचे के भाग से संबंधित रोग हो सकते हैं। बीमारियों पर खर्च भी अधिक होगा। इस दौरान ध्यान रहे शत्रु सक्रिय रहेंगे इसलिए अपनी कोई भी गुप्त बात सार्वजनिक रूप से शेयर ना करें।
 
 
कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल पंचम स्थान, यानी संतान और शिक्षा के भाव में वक्री हो रहा है। इस राशि वालों को संतान पक्ष का विशेष ध्यान रखना होगा। वे किसी गलत संगत में तो नहीं हैं। उनके कार्यकलापों पर नजर रखना होगी। कन्या राशि के स्टूडेंट्स या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को कड़ी मेहनत करने की जरूरत रहेगी।
 
 
तुला: तुला राशि के जातकों के लिए मंगल चतुर्थ यानी सुख स्थान में वक्री हो रहा है। इससे इनके सुखों में कमी आ सकती है। अच्छे भले चलते काम ठप हो जाएंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में कमी आएगी। व्यापार में आर्थिक हानि की आशंका है। इस राशि के नौकरीपेशा व्यक्तियों की नौकरी पर संकट आ सकता है। आर्थिक मामलों में पिछड़ जाएंगे।
 
 
वृश्चिक: यह मंगल की ही राशि है और इसके तृतीय स्थान में मंगल का वक्री होना यह व्यक्त कर रहा है कि इस राशि के जातकों को भाई-बंधुओं की ओर से कोई बड़ी सौगात मिल सकती है। पैतृक संपत्ति में बड़ा हिस्सा मिलने वाला है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल खराब स्थिति में हैं उन्हें कर्ज लेना पड़ सकता है। आर्थिक हानि के भी संकेत हैं।
 
 
धनु: इस राशि के जातकों के लिए मंगल द्वितीय स्थान यानी धन भाव में वक्री हो रहा है। इस राशि वालों को मिलाजुला परिणाम मिलने वाला है। कहीं से अचानक खूब सारा धन प्राप्त हो सकता है। किसी बड़ी आर्थिक-व्यापारिक योजना पर काम प्रारंभ करेंगे। लेकिन ध्यान रहे शत्रु सक्रिय होकर आपको नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगे। आर्थिक स्थिति के लिए यह समय उचित रहेगा।
 
 
मकर: इसी राशि में मंगल वक्र होकर प्रथम स्थान यानी लग्न स्थान में रहेगा। शारीरिक रूप से इस राशि वाले शिथिलता महसूस करेंगे। मानसिक रूप से विचलित रहेंगे। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आएगा। कार्यों को स्वयं ही विराम दे देंगे। आलस्य हावी होने के कारण नए व्यापार-व्यवसाय की योजनाएं बंद हो जाएंगी। आर्थिक संकट महसूस कर सकते हैं।
 
कुंभ: इस राशि के लिए मंगल द्वादश स्थान व्यय भाव में वक्री होगा। इस राशि वालों को मंगल के वक्रत्व काल के दौरान खर्च की अधिकता का सामना करना पड़ेगा। अनावश्यक कार्यों में पैसे और समय की बर्बादी होगी। कोई विशेष कार्य इस दौरान हो सकता है। इन तीन माह के दौरान आर्थिक संपन्नता हासिल करने के कई अवसर आएंगे।
 
 
मीन: मीन राशि के जातकों के लिए मंगल एकादश भाव में वक्री होगा। यह आय स्थान है इसलिए मीन राशि वालों के आय के स्रोत प्रभावित होंगे। फंसा हुआ पैसा बड़ी मुश्किल से वापस लौटेगा। कर्ज बिलकुल न लें और किसी से उधार भी न दें। वरना पैसा फंस जाएगा। नए कार्य अभी टाल दें तो ज्यादा बेहतर रहेगा। लेन-देन के मामलों में दस्तावेजों पर सोच-समझकर हस्ताक्षर करें।

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