Astro Yatra
India Free Classifieds

पुत्र प्राप्ति यन्त्र

रविवार के दिन सर्पाक्षी के फुलाें के पत्तो से युक्त डाली लाकर एक बछडे की गाय के दुध मे कुंवारी कन्या के हाथ से पिसवा कर एक कर लें। मासिक धर्म हाकनक सक छठें दिन तक प्रतिदिन एक-एक तोला की पात्रा में इसका सेवन करें। सेवन से पुर्व निम्न मात्रा कों 108 बार जप करें- ऊँ नमो भगवते देवाय। ऊँ क्लीं देवकी सूत गोविन्द वासूदेव जगत्पते। देहि में तनय कृष्ण त्वामहं शरण गत:।।

ज्योतिष ज्ञान

img

नौ प्रकार की मणिया

मणिया अनेक प्रकार की होती है। उनमें से 9...

Click here
img

रत्न और उनका प्रभाव

मेरे परिचित एक पारखी-तांत्रिक का कथन है कि रत्नों द्वारा...

Click here
img

रत्न अभिमनित्रत कैसे करें

रत्न का रंग बदलना, तडक जाना अथवा अगूंठी से निकल...

Click here
img

रत्नों का परिचय

रत्न षब्द श्रेश्ठता का परिचय देता है। इसे एक विषेशण के रूप मे...

Click here
img

रूद्राक्ष द्वारा रोग निवारण

रूद्राक्ष संस्कृत में इसी उच्चारणके साथ अन्य...

Click here
img

रूद्राक्ष का विवरण

रूद्राक्ष के जन्मदाता भगवान षंकर है। रूद्र का अर्थ...

Click here
img

मंगली दोश का निराकरण

मंगल (1,4,7,8,12 भावों में मंगल बैठे तो मंगली दोश कहा जाता है।) जिस भाव में ...

Click here