क्यों सजना सवरना चाहिए स्त्री को जाने इसके पीछे का रहस्य

क्यों सजना सवरना चाहिए स्त्री को जाने इसके पीछे का रहस्य

ज्योतिष शास्त्र में स्त्री को शुक्र की संज्ञा दी गयी है। ऐसा कहा जाता है कि जब कोई स्त्री अपने आप को सजती सवारती है तो उस कि कुंडली में ना ही शुक्र ग्रह बेहतर होता है बल्कि उसके साथ साथ उसके पति की किस्मत पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। शुक्र जिसके जन्मांश लग्नेश केंद्र में त्रिकोणगत हों वह आकर्षक प्रेम सौंदर्य का प्रतीक बन जाता है।

अक्सर लोग सोचते है की किस्मत में तो जो लिखा गया वही होगा और मिलेगा, लेकिन नहीं किस्मत में सिर्फ आपके कर्म लिखे होते हैं।  यदि आप अपने कर्म निखार लेते हो तो किस्मत भी अच्छी हो जाएगी।  आज हम शुक्र पर चर्चा कर रहे है।  अगर आपकी  कुंडली में ग्रहो की स्थिति बेहतर होने से बेहतर फल प्राप्त होते हैं। वहीं ग्रह स्थिति अशुभ होने की दशा में अशुभ फल भी प्राप्त होते हैं। बलवान ग्रह स्थिति स्वस्थ सुंदर आकर्षण की स्थितियों की जन्मदाता बनती हैं तो निर्बल ग्रह स्थिति शोक संताप विपत्ति की प्रतीक बनती हैं।  अगर हम आसपास देखे जो स्त्रिया सजी सवरी दिखती है उनके पतिओं की पहले से समय के साथ साथ आर्थिक स्थिति भी बेहतर दिखेगी।  क्योकि शुक्र एक लग्जरी ग्रह है।  यदि अपनी पत्नी या प्रेमिका के वस्त्रों पर या उनके साज सजा पर आप खर्च करोगे तो आप अपनी आय में उसी प्रकार से वृद्धि पाओगे। स्त्रियों को सदैव अपने आप को सवार कर रहना चाहिए। आमतौर पर स्त्रियां सुबह नहा कर तैयार होने के बाद दुबारा गौर नहीं करती परन्तु शुक्र का समय शाम का है। इसलिए दुपहर ढलने के बाद एक बार पुनः जरूर तैयार हों। इससे आप की व आपके पति / प्रेमी की आय एवं लाइफ स्टाइल पर सकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ेगा।

 

 

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