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जीवन को खुशहाल बनाने वाले कुछ सरल उपाय

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यहाँ पर आपको जीवन को खुशहाल बनाने वाले कुछ सरल उपाय बताये जा रहे है जिनके द्वारा आप पुण्य अर्जित कर सकते है –

– प्रात:काल उठते ही माता-पिता, गुरु एवं वृद्धजनों को प्रणाम नित्य करें। उनका आत्मिक आशीर्वाद प्राप्त करके नित्य सुफल प्राप्त करें।

– नित्य प्रति गाय को गुड़, रोटी दें। हो सके तो गाय का पूजन करके आज के दिन यह कामधेनु वांछित कार्य करेगी, ऐसी भावना करें।

– नित्य प्रति कुत्तों को रोटी खिलानी चाहिए। पक्षियों को दाना भी डालें तो शुभ है।

– यदि आपके शहर, गांव के पास तालाब, नदी या सागर हो तो उसमें कछुए और मछलियों को कुछ आटे की गोलियां बनाकर खिलानी चाहिएं।

– नित्य प्रति चील-कौओं को खाने-पीने की वस्तुओं में से कुछ हिस्सा अवश्य डालना चाहिए तथा गौ ग्रास भी भोजन करते समय नियमित निकालें।

– घर आए अतिथियों की सेवा निष्काम भाव से करनी चाहिए। उनकी ओर से प्राप्त संदेश ध्यान से सुनकर योग्य संदेश का अनुकरण करना चाहिए।

– हमेशा प्रात:काल भोजन बनाते समय माता-बहनें एक रोटी अग्रिदेव के नाम से बनाकर घी तथा गुड़ से बृहस्पति भगवान को अर्पित करें तो घर में वास्तु पुरुष को भोग लग जाता है, इससे अन्नपूर्णा भी प्रसन्न रहती है।

– प्रात: स्नान करके भगवान शंकर के शिवलिंग पर जल चढ़ा कर 108 बार ऊँ नम: शिवाय’ मंत्र की पूजा से युक्त दंडवत नमस्कार करना चाहिए।

– स्नान के पश्चात प्रात: सूर्यनारायण भगवान को लाल पुष्प चढ़ाकर बार-बार हाथ जोड़कर नमस्कार करना चाहिए।

– प्रत्येक शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल, कच्चा दूध थोड़ा चढ़ा कर सात परिक्रमा करके सूर्य, शंकर, पीपल इन तीनों की सविधि पूजा करें। चढ़े जल को नेत्रों में लगाएं और पितृ देवाय नम: भी 4 बार बोलें तो राहु, केतु, शनि, पितृ दोष का निवारण होता है।

– प्रात:काल सूर्य के सम्मुख बैठ कर एकांत में भगवत भजन या मंत्र या गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।

– प्रत्येक प्राणी पर दया भाव के साथ तन-मन-धन से सहयोग यथा योग्य करना चाहिए। सेवा कर यश प्राप्ति की भावना नहीं रखें।

– अमक्ष्य वस्तुओं को कभी ग्रहण नहीं करना चाहिए।

– सदैव ईश्वर की महान शक्ति पर पूर्ण विश्वास करते हुए जीवन जीना चाहिए तथा अधर्म (हिंसा) से डरते हुए यानी बचते हुए धर्म (अहिंसा) की भावना से मानव मात्र का कल्याण हो, ऐसा चिंतन होना चाहिए।

– प्रत्येक प्राणी के प्रति यथा शक्ति दया, स्नेह और सेवा की भावना रखें।

– रविवार या मंगलवार को कर्ज नहीं लें, लेना ही पड़े तो बुधवार को कर्ज लें। यह भी ध्यान रखें कि संक्रांति हो और वृद्धि योग हो अथवा हस्त नक्षत्र हो, तब कर्ज नहीं लें।

– मंगलवार को कर्ज चुकाना चाहिए।

– नियमित रूप से घर की प्रथम रोटी गाय को तथा अंतिम रोटी कुत्ते को दें तो घर में रिद्धि-सिद्धि का आगमन एवं भाग्योदय होगा।

– पितृ दोष से मुक्ति के लिए नित्य महा गायत्री के महामंत्र की नियमित साधना करें तथा श्री रामेश्वर धाम की यात्रा कर वहां पूजन करें।

– मातृ दोष से मुक्ति के लिए विष्णु भगवान की पूजा करें, उनकी कथा सुनें, चंद्रायण व्रत करें और यथासंभव यमुना नदी में स्नान तर्पण करें।

– दरिद्रता दूर करने के लिए 108 लौंग और 108 इलायची के दाने लें। उन्हें ग्रहण काल में अथवा दीपावली के दिन जलाकर भस्म बना लें। इस भस्म को देवी-देवताओं की तस्वीर पर लगा कर नित्य दर्शन तथा प्रार्थना करें।

– यदि पलंग या खाट पर सोते हैं तो प्रात:काल उठते ही पृथ्वी को नमन करें।

– किसी भी नए कार्य के लिए प्रस्थान से पूर्व मंगलीक (गुड़) का सेवन जरूर करें।

Home or workplace, to keep good relations Ramayana formula

In every human society and everyday life for many people in the field of reconciliation arises between or loved ones – sits. The one thing about thoughts or behavior differences arises from the others on several occasions. Many times it may be due to lack of self- fulfillment. As a result, a person does not belong to them – are able to make others indicted malevolence in mind. Indeed, such sentiments as much harm to the individual, because the bad mood away from the pleasant person to work and not meeting your goals.

No person in practical life balanced and successful life avoiding such situations, how spent ? In the context of this solution may be written in hard cover. Know home – family or workplace to maintain cordial relations embedded in the Ramayana, the best source of life management –

The individual or group selfishness or Hitpurthy thinking – another indicted before any decision or response must think it – to consider how responsible himself for that matter . This came to mind, anger, malice or hard feelings decreases. Turbulent mind is not thinking in the right direction and the sweetness come relations.

मोटापा कम करने के 10 अचूक उपाय-

weight-loss-500x3001.  मलाई या फैट रहित दही खाने से भी वजन नियंत्रित रहता है क्योकि इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम व प्रोटीन होता है।

2. नारियल के दूध में भी एसिड्स मेटाबालिज्म होता है, इसीलिए यह एक साथ चार रोगो में असरदारक होता है पहला आपके वजन को कण्ट्रोल में रखता है, दूसरा इसमें उपस्थित पोषक तत्व स्किन को ग्लोइंग और बालों को मजबूत बनाते हैं तथा दिमाग के लिए भी यह बेहतरीन दवाई क़ी तरह है।

3. सुरजमुखी के बीज विटामिन बी, प्रोटीन, फोलेट, विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट्स जो की हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाते है तथा साथ ही साथ इसके सेवन वजन भी नहीं बढ़ता है।

4. व्हे प्रोटीन से बना कॉटेज चीज (पनीर) भी वजन को कम करें में सहायक होता है इसके अलावा यह मासपेशियों को भी मजबूत रखता है।

5. जई का आटा या जई का दलिया में भी भरपूर ऊर्जा होती है, इसी कारण यह ठण्ड से भी बचाव करता है और वजन को भी नहीं बढ़ने देता है।

6. नट्स को छिलके सहित खाने से भी आप जल्दी ही स्लिम बॉडी बना सकते है क्योकि मौजूद प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर सरलता से आपके वजन को कम करते है।

7. जामफल में भी ५ गुना अधिक विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन तथा अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है और वजन कम करने में भी सहायक होता है।

8. शहद में एन्टीमाइक्रोबैक्टीरियल गुणो के कारण यह वजन कम करने और सर्दियों के लिए एक आचा स्त्रोत है।

9. यदि आप खाने पीने के बहुत ज्यादा शौकीन है और वजन नियंत्रित करना चाहते है तो रोजाना एक पीस चॉकलेट का खाने से भूख नहीं लगती है और आपका डाइट चार्ट भी ईजीली फॉलो होता है।

10. चिली पाउडर में कैस्पिनॉइड होता है जो आपके वजन को ५ गुना तेजी से कम कर सकता है। इसके अलावा हरी सब्जिया खाने से भी वजन कम होता है।

 

लहसुन के १२ औषधीय फायदे –

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१. लहसुन केवल खाने के स्वाद को नहीं बढ़ाता बल्कि ५००० साल पहले से ही यह उपचार में भी उपयोग में लिया जा रहा है।

२. रोजाना  लहसुन की एक कली को खाने से शरीर को विटामिन ए, बी और सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व  एक साथ मिल जाते है।

३. लहसुन का तेल हाथ पैरो में लगाने से भी मच्छर पास नहीं आते है और त्वचा भी मुलायम रहती है।

४. लहसुन में एंटीबैक्टिरियल तत्व होते है, अतः पिंपल पर लहसुन की स्लाइस को लेकर उस पर लगाने से पिंपल जल्दी बैठ जाते है।

५. लहसुन के नियमित सेवन से भी स्किन के संक्रमण में भी फ़ायदा होता है।

६. लहसुन शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को को नियंत्रित करके रखता है इसी कारण ब्लड शुगर लेवल भी सही रहता है और डायबिटीज भी नहीं होता है।

७. सरसों के तेल में लहसुन की कलियां डालकर गरम करे हुए तेल से कान दर्द में डालने से भी राहत मिलती है।

८. यदि आपको मौसमी सर्दी या खांसी हो तो रोजाना लहसुन की चाय पीने से भी बीमारी नहीं होती है क्योकि ये आपके इम्यून पॉवर को बढ़ाता है।

९. लहसुन की एंटी – आर्थीटिक प्रॉपर्टी होती है जिसकी सहायता से एलर्जी को दूर भगाया जा सकता है।              यदि आप रोजाना लहसुन के जूस का सेवन करते है तो रैसज या चकत्ते पडऩे की समस्या भी दूर हो जाती है।

१०. सिरोसियस की समस्या में लहसुन रामबाण दवा की तरह है, जिस स्थान पर आपके ये बीमारी हो रही है वहाँ पर लहसुन का तेल लगाने से त्वचा बिलकुल सही हो जाती है।

११. दूध में लहसुन को उबालकर बच्चों को पिलाने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा सांस की बीमारियो पर काबू पाया जा सकता है।

१२. लहसुन के सेवन से हमेशा कामोत्तेजना बनी रहती है क्योंकि यह बॉडी में अच्छी तरह से परिसंचरण को बढ़ाता है।