Health Tips and Technics

निरोगी जीवन के लिऐ अपनाऐ ये 5 मूलमंत्र

blog

धर्मशास्त्रों में बताई बातें जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर बताया गया ऐसा ज्ञान या निचोड़ है, जिससे तन, मन, विचार, आचरण से जुड़ा कोई भी विषय अछूता नहीं। दरअसल, ये बातें जीवन को संयम और अनुशासन से रहने की ही सीख देती है। यही वजह है कि धर्म पालन इंसानी जीवन में सुख और शांति के लिए अहम माना गया है।

इसी नजरिए से जिंदगी को सुखी बनाने के लिए ही धन का भी महत्व बताया गया है। धन का अभाव यानी आर्थिक दरिद्रता किसी भी व्यक्ति के कई तरह से बिखराव लाती है। यही वजह है कि हर कोई व्यावहारिक हो या धार्मिक, हर तरह से धन की देवी लक्ष्मी की प्रसन्नता चाहता है।

लक्ष्मी कृपा के लिए ही धर्म शास्त्रों में कुछ बेहद जरूरी बातें उजागर हैं, जिनका संबंध भी जीवनशैली से जुड़ी छोटी-छोटी बातों से ही है। इनकी अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है कि इनको न मानने पर घर में पैसा और खुशी यानी लक्ष्मी कृपा घटने लगती है।

दरअसल, लक्ष्मी कृपा से जुड़ी इन बातों के पीछे छुपे संदेशों का मूल भाव इंसान की दिनचर्या को साधना ही है, ताकि स्वस्थ्य, सबल और वक्त का पाबंद बन सुख रूपी हर धन को पा सके।

यहां बताई जा रही हैं, ऐसी ही आदतें जिनके बारे में शास्त्र कहते हैं, इन आदतों के भगवान विष्णु में होने पर देवी लक्ष्मी उनको भी छोड़ देती है। आप भी डालिए इन उपयोगी व रोचक बातों पर एक नजर-

हिन्दू धर्मशास्त्र कहते हैं कि-

कुचैलिनं दन्तमलोपधारिणं ब्रह्वाशिनं निष्ठुरवाक्यभाषिणम्।

सूर्योदये ह्यस्तमयेपि शायिनं विमुञ्चति श्रीरपि चक्रपाणिम्।।

शास्त्रों की इस बात में खासक 5 बुरी आदतों को छोडऩे की नसीहत है, जिनसे लक्ष्मी रूठ जाती है। ये बाते हैं –

सूर्यादय और सूर्यास्त के समय भी सोते रहना – सूरज उगने और ढलने की घड़ियां हिन्दू धर्म में शुभ, मंगलकारी व दैवीय कृपा देने वाली मानी गई हैं। खासकर सूर्योदय और उसके पहले तीर्थ जल में लक्ष्मीपति विष्णु का वास तो शाम का वक्त भी मां लक्ष्मी का भ्रमण काल भी माना जाता है। इसलिए इन दोनों वक्त रोग या अशक्त अवस्था को छोड़ सोना दरिद्रता को बढ़ाने वाला माना गया है, जिससे घर-परिवार की खुशहाली घटने लगती है।

कटु या कठोर वचन बोलना- गलत बोल या शब्द वचन की दरिद्रता माने जाते हैं, जो देवी लक्ष्मी को नापसंद होते हैं।

दांत साफ न रखना- मोटे तौर पर तो यह अपवित्रता ही है, लेकिन असल में यह खराब आदत सेहत बिगाड़ शरीर को भी कमजोर करती है और कामकाज से दूर भी। पुरुषार्थहीन व्यक्ति से भी लक्ष्मी रुठती है।

मैले कपड़े पहनना- शास्त्रों के मुताबिक देवी लक्ष्मी को अपवित्रता पसंद रास नहीं आती। इसलिए गंदे, कटे-फटे, कुचैले कपड़े पहनना भी लक्ष्मी कृपा को कम करता है।

ज्यादा भोजन करना- ज्यादा भोजन से भी शरीर आलस्य व रोग का घर बन जाता है। इससे मन भी कुविचारों से घिर जाता है और जिसका मन साफ नहीं होता वह लक्ष्मी कृपा से वंचित रहता है।