28 को शनि जयंती पर करे ये उपाय

Shani-Jayanti

हिन्दू ज्योतिष के अनुसार शनि को क्रूर ग्रह माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि ही इंसान को उसके अच्छे व बुरे कर्मों का फल देता है। इसलिए शनिदेव को न्यायाधीश भी कहा जाता है। अगर आप भी शनि दोष से प्रभावित हैं और उसकी शांति चाहते हैं तो 28 मई, बुधवार को शनि जयंती इसके लिए उपयुक्त अवसर है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस किसी की कुंडली में शनि प्रतिकूल स्थान पर होता है उसे जीवन भर दु:ख भोगने पड़ते हैं। साढ़े साती व ढैय्या के रूप में शनि हर व्यक्ति काजीवन कभी न कभी प्रभावित अवश्य करता है। ऐसा नहीं है कि शनि सिर्फ अशुभ फल ही प्रदान करता है, जिस पर भी शनिदेव की कृपा हो जाए उसे जीवन भर कभी कोई परेशानी नहीं होती। अगर आप भी शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो कुछ विशेष पूजन, तंत्र-मंत्र-यंत्र व टोने-टोटके से यह संभव है। कुछ उपाय इस प्रकार है-

1- धर्म शास्त्रों में शनि देव के अनेक नाम बताए गए हैं। अगर शनि जयंती के दिन इन नामों से शनि देव का पूजन किया जाए तो शनिदेव अपने भक्त की हर परेशानी दूर कर देते हैं। ये प्रमुख 10 नाम इस प्रकार हैं-

कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

अर्थात: 1- कोणस्थ, 2- पिंगल, 3- बभ्रु, 4- कृष्ण, 5- रौद्रान्तक, 6- यम, 7, सौरि, 8- शनैश्चर, 9- मंद व 10- पिप्पलाद। इन दस नामों से शनिदेव का स्मरण करने से सभी शनि दोष दूर हो जाते हैं।

2- कांसे की कटोरी में तेल भरकर उसमें अपनी परछाई देखकर दान करें।

3- सरसों के तेल में लोहे की कील डालकर दान करें और पीपल की जड़ में तेल चढ़ाएं।

4- शनि जयंती के दिन सूर्यास्त के समय जो भोजन बने उसे पत्तल में लेकर उस पर काले तिल डालकर पीपल की पूजा करें तथा नैवेद्य लगाएं और यह भोजन काली गाय या काले कुत्ते को खिलाएं।

5- तेल का पराठा बनाकर उस पर कोई मीठा पदार्थ रखकर गाय के बछड़े को खिलाएं।

6- अभिमंत्रित शनि मुद्रिका (काले घोड़े की नाल की अंगुठी) मध्यमा अंगुली में धारण करें।

7- शनि की शांति के लिए नीलम रत्न युक्त शनि यंत्र गले में धारण करें।

8- लाल चंदन की माला को अभिमंत्रित कर शनिवार या शनि जयंती के दिन पहनने से शनि के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं।

9- शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आएं। शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के दिन किसी योग्य विद्वान से अभिमंत्रित करवा कर काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। शनिदेव प्रसन्न होंगे तथा शनि के कारण जितनी भी समस्याएं हैं, उनका निदान होगा।

१०- काले धागे में बिच्छू घास की जड़ को अभिमंत्रित करवा कर शनिवार के दिन श्रवण नक्षत्र में या शनि जयंती के शुभ मुहूर्त में धारण करने से भी शनि संबंधी सभी कार्यों में सफलता मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *