पितृदोष और इसके उपाय

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अगर कोई कार्य की व्यस्तता या जन्म का सही वक्त और तारीख नहीं जानने के कारण कुण्डली में पितृदोष नहीं जान पाए तो यहां बताई जा रहीं व्यवहारिक जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जिनसे यह साफ हो जाता है कि घर-परिवार में पितृदोष हैं या नहीं …………..

1. कड़ी मेहनत करने पर भी बुरे परिणाम मिलना।

2. घर-परिवार के कोई भी काम पूरा होने वाला हो, तभी उसमें रुकावट आती है।

3. अच्छी कमाई और धन होने पर भी बचत नहीं होती। धन गैरजरूरी कामों में खर्च हो जाता है।

4. पिता और पुत्र के बीच गहरा मनमुटाव और तनाव की स्थिति बन जाती है।

पितृदोषों के अशुभ प्रभाव से आने वाली इन मुश्किलों में यह छोटा सा उपाय कारगर सिद्ध होता है-

उपाय पितरों की प्रसन्नता के लिए घर के देवालय में दीपक, अगरबत्ती जलाएं। देवस्थान के करीब पितृरों की तस्वीर न होने पर भगवान विष्णु के साथ पूर्वजों का स्मरण करते हुए नीचे लिखे मंत्र का 21 बार जप करें-
 पितराय नम:

5. धन, सुख-सुविधा, परिवार से समृद्ध होने पर भी शुभ और मंगल कार्य नहीं हो पाते।

6. पुत्र या पुत्री शिक्षित और आत्मनिर्भर होने पर भी उनके रोजगार या विवाह में देरी या बाधाएं आती है।

7. चिंता और रोगों से परेशान और बेचैन रहते हों।

पितृदोषों से पैदा इन परेशानियों में यह उपाय असरदार सिद्ध होते हैं-

उपाय रविवार या हर रोज खासकर आश्विन माह में श्राद्धपक्ष की सारी तिथियों व रविवार को स्नान कर तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें सफेद आंकड़े के फूल डालें और उदय होते सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय नीचे लिखे मंत्र का 21 बार जप करें-

 सूर्याय नम:  

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