क्या आप जानते है कि हथेली में छिपा आपका भाग्य

ASTROYATRA

जैसा की हिन्दू शास्त्रो में कहा गया है कि मनुष्य की किश्मत उसकी हथेली की रेखाओ में समाहित होती है। हर मनुष्‍य की हथेली में अलग-अलग चिह्न होते हैं और उनका फल भी अलग-अलग होता है। यदि किसी की हथेली पर क्रॉस का चिह्न जहां जीवन में आने वाली बाधाओं को दर्शाता है ।
सामुद्रिक शास्‍त्र में हथेलियों पर बनने चिह्नों के बारे में विस्‍तार से लिखा है। यह चिह्न सौभाग्‍यशाली, सम्‍मानित, सुखी व प्रभावशाली वक्‍ता के साथ नेतृत्‍व प्रधान की शक्‍ति भी देता है।

* जिस मनुष्य की हथेली में मंगल पर्वत पर त्रिशूल का चिह्न होता है उसे शिव योग बनता है। ऐसे लोग स्‍वभाव से दयालु, स्‍वावलंबी, परहितकारी, समाजसेवक होते है।

* जिस मनुष्‍य की हथेली में सूर्य के समान चिह्न होता है वो मनुष्‍य बुद्धिमान, आविष्‍कारक, शोधकर्ता, यथार्थवादी और यश-मान अर्जित करने वाले होता हैं। ऐसे मनुष्य व्‍यावहारिक जीवन में बहुत सादगी से रहते हैं और हर कार्य में सफलता पते है ।

* जिसकी हथेली में शुक्र पर्वत पर यदि हाथी का चिह्न हो तो ब्रह्म योग का निर्माण करता है। ऐसे लोग गंभीर, आत्‍मविश्‍वासी, धैर्यवान, संतोषी होता है।

* स्‍वस्‍तिक का चिह्न जिसकी हथेली में होता है, वे लोग मान-प्रतिष्ठा पाने वाले होते हैं।

* यदि किसी की हथेली पर कमल का चिह्न होता है तो उसे विष्‍णु योग कहा जाता है। इसके फलस्‍वरूप वह जातक विपुल वैभव, ऐश्‍वर्य और अनेक संपत्तियों का मालिक होता है।

* जिस जातक की हथेली में तराजु का चिह्न मिलता है, उसे महालक्ष्‍मी का योग्‍य माना जाता है। ऐसा जातक ऐश्‍वर्यवान, धनवान, लक्ष्‍मीपुत्र होता है। समाज में उनका आदर होता है तथा अपनी बुद्धि के बल पर पूर्ण सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।

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