कृष्ण मंत्र से करे शनि के दुष्प्रभाव को कम

कृष्ण मंत्र से करे शनि के दुष्प्रभाव को कम हिन्दू देव पूजा परंपराओं में जीवन में पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष) प्राप्ति से जुड़ी ऐसी विघ्र और बाधाओं से पार पाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण शुभ माना गया है। क्योकि सुख और दुःख व्यक्ति के जीवन का भाग होते है, इसीलिए जब भी व्यक्ति के जीवन में बुरा समय आता है तो वह विभिन्न प्रकार के उपाय करता है। कभी – कभी शनि का दुष्प्रभाव आपके जीवन को अस्त – व्यस्त कर देता है।

अतः यहाँ पर जीवन में संघर्ष पैदा करने वाले माने गए शनि दोष या कालसर्प दोष शांति के लिए आज विष्णु भक्ति के वैशाख माह व शनिवार संयोग में विशेष कृष्ण मंत्र बोलना शनि के साथ कालसर्प योग बनाने वाले राहु-केतु के ग्रह योगों से पैदा होने वाली पीड़ा शांति के लिए भी मंगलकारी माना गया है।

शनिवार को श्रीकृष्ण भक्त शनि की प्रसन्नता के लिए अचूक श्रीकृष्ण महामंत्र व सरल पंचोपचार पूजा विधि-

– सुबह स्नान के बाद घर में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को जल व पंचामृत से स्नान के बाद केसरयुक्त चंदन, अक्षत, फूल, पीताम्बरी वस्त्र अर्पित कर माखन-मिश्री का भोग लगाएं और नीचे लिखे तीन मंत्रों का विषम संख्या यानी 1, 3, 5, 7, 11, 21 बार जप करें। एक माला यानी 108 बार जप करें-

– ॐ श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा

– ॐ कृं कृष्णाय नम:

– ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय

इन मंत्रों के जप के बाद भगवान श्रीकृष्ण व भगवान विष्णु की आरती करें और अपार सफलता व यश की प्राप्ति होती है।

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