importance of north east corner of house

घर बनाते समय आखिर ईशान कोण का क्या महत्व होता है?

जैसा की हम जानते है कि रोटी, कपडा और मकान हर इंसान की मूलभूत आवश्यकताए है। इसी के अभाव में संसार में मानव मात्र का ही जीवनयापन करना बहुत ही कठिन एवं दुष्कर हो जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कई चीजों को प्राप्त करने के चक्कर में हम जीवन में इन सुखो का उपभोग नहीं कर पाते है। सबसे पहला कारण है इसके पीछे हमारी जीवनशैली जो कि हमें पाश्चात्य जगत की ओर आकर्षित कर रही है किन्तु हमें हमारी मूल संस्कृति एवं परम्पराओ से विलग कर रही है।

 ईशान कोण का महत्व 

जब भी किसी मकान का निर्माण होता है तो उसमे ईशान कोण का एक अपना ही अलग महत्व होता है। आज के लेख में हम आपको ईशान कोण से जुडी हुई कुछ जानकारी देंगे। आज के दौर में भोजन, कपडा इसी के साथ साथ एक और सपना होता है। आजकल हर इंसान खुद का मकान प्राप्त करने के लिए बहुत से परिश्रम करता है लेकिन अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब किसी भी इंसान का यह स्वपन पूरा होता है तो वह उससे उतना सुख प्राप्त नहीं कर पाते जितनी अपेक्षा करते है। इसी वजह से वह निराशा से घिर जाते है। लेकिन इसके पीछे मुख्य कारण है वास्तु दोष।

जब भी किसी घर का निर्माण हो तो सबसे आवश्यक बात ध्यान में रखने की होती है वह है वास्तु। आज के फैशनपरस्त युग में ऐसे कई लोग है जिसकी उपेक्षा कर के भवन निर्माण के पश्चात शारीरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति उठाते है। जैसा की हम जानते है की वास्तु शास्त्र में बहुत सी बाते ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक होता है लेकिन सबसे ज्यादा महत्व होता है ईशान कोण का।

ईशान कोण को ईश यानी कि भगवान का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। जब भी किसी मकान का निर्माण होता है तो उस समय ईशान कोण और ब्रह्म स्थान यानी की मध्य स्थान की पवित्रता का समुचित ध्यान रखा जाता बहुत ही आवश्यक है। तो ऐसा ना करने पर भवन स्वामी अनेकानेक परेशानियों से ग्रस्त हो जाता है। जनमानस में यह भ्रांति है की ईशान कोण केवल उत्तर पूर्व के कोने को कहा जाता है। लेकिन वास्तविकता में वास्तु कोनो का निर्धारण समूचे भूखंड को नौ खंडो में बराबर बराबर विभक्त करने से होता है।

जो घर का ईशान कोण होता है उसमे मंदिर के अलावा कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए। ऐसी मान्यता है की ईशान कोण में टॉयलेट, बाथरूम और पानी की टंकी जैसे भारयुक्त निर्माण का भी निषेध है। कहा जाता है ईशान कोण किसी भी तरह से भारयुक्त नहीं होना चाहिए। माना जाता है कि किसी भी घर का ईशान कोण एवं ब्रह्म स्थान जितना शुद्ध और पवित्र होगा उतना ही उस भवन का स्वामी सुख और समृद्धिशाली होगा। तो जब भी अपने भवन का निर्माण करवाए तो उस समय वास्तु दोष और ईशान कोण के बारे में अच्छे से जान ले।

lunar eclipse 2020

10 जनवरी को साल का पहला सूतक, इस बार नहीं है ग्रहण का सूतक

10 जनवरी 2020 को साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। कुछ लोग यह सोचकर परेशान है कि चंद्रग्रहण पर सूतक लगेगा या नहीं लगेगा। लेकिन आपको बता दे कि चंद्रग्रहण 10 जनवरी को लगेगा वह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। अगर हम धर्मशास्त्र की बात करे तो इसे माद्य ग्रहण कहते है। जब यह ग्रहण होता है तब चन्द्रमा पर ग्रहण नहीं लगता है लेकिन इसका बिंब धुंधला हो जाता है।

कहा जा रहा है यह चंद्रग्रहण दूसरे चंद्र ग्रहण से काफी हद तक कमजोर होगा इसलिए ज्योतिषों का कहना है कि भारत में इस ग्रहण का असर ना के बराबर होगा। इस ग्रहण पर सूतक नई लगेंगे और मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगे। ज्योतिषी शास्त्र के हिसाब से कहा जा रहा है कि इस ग्रहण को ग्रहण की कोटि में नहीं रखा जाएगा।

chndra grhan

इसलिए कहा जा रहा है कि ग्रहण के समय धार्मिक कार्य करने की मनाही भी नहीं होगी। 10 जनवरी से माघ का मेला लग रहा है और इस दिन पौष पूर्णिमा भी है इसलिए इस दौरान श्रद्धालु गंगा जी में डुबकी लगाएगे। पौष पूर्णिमा के दिन बाद और ग्रहण के बाद में दान पुण्य किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार इस महीने में दान पुण्य का करोड़ों गुना फल मिलता है।

ऐसी मान्यता है कि पौष माह की पूर्णिमा पर स्नान और दान से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए मोक्ष की कामना रखने वाले बहुत ही शुभ मानते है। क्योकि इसके बाद में माघ महीने की शुरुआत होती है। ऐसी मान्यता है कि यदि चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी सरोवर में स्नान किया जाता है तो सभी पाप धूल। एवं इसके अलावा गेहू, चावल और गुड़ जैसी चीजों का भी दान करना चाहिए।

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solar eclipse december 2019

26 दिसम्बर को लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

यह वर्ष बीतने वाला है और नया वर्ष आने वाला है। इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसम्बर 2019 को लगने जा रहा है जो कि वलयाकार होगा। इसका मतलब यह है कि यह ग्रहण पूर्णग्रास नहीं बल्कि खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। इसी साल में इससे पहले छह जनवरी और दो जुलाई को आंशिक सूर्यग्रहण लगा था।

हाल ही में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जारी किए हुए ए`क बयान में बताया गया है कि भारत में सूर्योदय के बाद इस वलयाकार सूर्य ग्रहण को देश के दक्षिणी भाग में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हिस्सों में इसे देखा जा सकता है। लेकिन देश के कई हिस्सों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।

भारतीय समय के अनुसार आंशिक सूर्यग्रहण सुबह आठ बजे आरम्भ होगा लेकिन वलयाकार सूर्यग्रहण की अवस्था सुबह 9:06 बजे शुरू हो जाएगी। जो सूर्यग्रहण की वलयाकार अवस्था दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। कहा जा रहा है कि ग्रहण की आंशिक अवस्था दोपहर एक बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी।

कहा जा रहा है यह ग्रहण देश के दक्षिणी हिस्से में कुछ स्थानों जैसे कन्नानोर, कोयंबटूर, कोझीकोड, मदुरई, मंगलोर, ऊटी, तिरुचिरापल्ली जगहों से होकर गुजरेगा। ऐसा माना जा रहा भारत में वलयाकार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का करीबन 93 फीसदी तक का हिस्सा चाँद से ढका हुआ रहेगा।

वलयाकार पथ से देश के उत्तर और दक्षिण की ओर बढ़ने पर आंशिक सूर्य ग्रहण की अवधि घटती जाएगी। सूर्य का वलयाकार ग्रहण भूमध्य रेखा के निकट उत्तरी गोलार्ध में एक संकीर्ण गलियारे में दिखाई देगा। अगला सूर्य ग्रहण भारत में 21 जून, 2020 को दिखाई देगा।

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12 zodiac signs that make the best couples

12 Zodiac Signs That Make the Best Couples

Each and everyone wants or desires in their life for the right person with whom they can spend their rest of the life and can share happiness, sorrow, feelings, sentiments, and emotions of their life. But without seeing compatibility in any relationship or in marriage one has to face lots of circumstances and problems in their life and it is a reason behind their pathetic and worse life. Compatibility in a relationship, relation or in marriage is very essential which prescribed and leads a peaceful, powerful, strong and long-lasting bond between the couples.

12 combination of zodiac which makes best couples

zodiac signs

Here are 12 zodiac signs and combination mention below which are considered as a best and powerful bond in between the couples –

1)     Aries and Aquarius:

The relation and bond between Aries and Aquarius are considered as the best pair and as the best match because both signs are ferociously adventures; the compatibility in both the zodiac sign is very good they both enjoy each other’s company and loves to spend good time together by horoscope predictions.

2)     Taurus and Cancer:

The relation and bond between Taurus and Cancer is a good one they both zodiac signs takes their relationship very seriously and both signs are well physically and mentally strong and both have better understanding between them which creates a mutual understanding and a strong bond they both are enjoying the companies of each other.

3)     Gemini and Aquarius:

These two zodiac signs have an emotional crazy relationship together they both are creative and innovative personalities. They both like to spending time with each other or for each other, they love as their independence and they do not seem to bother the reason behind is that they both understand each other well they both have a better tune to talk.

4)     Cancer and Pisces:

The relation between Cancer and Pisces is considered as the best and very good pair or match because they both are cool water signs and they have a great connection with each other and they understand well each other properly. Both zodiac signs have a better compatibility and a good sense of humor or which makes a solid and strong bond between them. Cancer is keen to the encouragement of the persons who are in the region of them while Pisces is all about connecting with others.

5)     Leo and Sagittarius:

Both zodiac signs are extremely passionate about love and what they want in their life; Leo and Sagittarius enjoy their life at max and they are extremely encouraging. The bond between these two zodiac signs is a very interesting one and both the sign indicate fire and thoughtful understanding with each other.

6)     Virgo and Taurus:

Virgo and Taurus, these both zodiacs are earth sign and truly having a better understanding, they both are cool and calm and this is what makes their relationship strong. They both are very loyal and honest with each other and having a capability that makes their relationship long-lasting. They both are not only having a lot of honesty and trust but they also have the same distinctiveness and principles.

7)     Libra and Gemini:

The relation between Libra and Gemini is an outstanding match and these two have a strong connection, great understanding, and appreciation for each other. They want to live with peace in their relationship and having mutual understanding, with knowledge in their relationship.

8)     Scorpio and Cancer:

The relation between these two zodiac signs is good; these two zodiac signs both are very serious and having great emotions, feelings, and sentiments. They both have good compatibility with each other and they both support each other in every circumstance of life, they both are having caring nature towards each other.

9)     Sagittarius and Aries:

Aries and Sagittarius both are a fire sign and having good compatibility with each other. They both are loving and caring towards both of them and have the power to fight with any problems and conflicts in their relationship or in life for each other. They have a crazy, wild amount of energy that makes their relation more strong and powerful.

10) Capricorn and Taurus:

The relation between Capricorn and Taurus is considered as an excellent and outstanding match in astrology. They are having the power to remain life- long with each other or together with happiness in their life they actually enjoy each other companies until they die or end. They both zodiac signs having an endless love in their relationship and they both respect each other very much.

11)Aquarius and Gemini:

The relation between Aquarius and Gemini is a good one they both are air signs and they have a great psychological connection in their relationship. They both are very loving and caring towards each other they do not think and care about what people told and thinking they just love to be in each other’s company and creates a strong bond in their relationship.

12)Pisces and Scorpio:

The relation between Pisces and Scorpio is very good because they both understand their value in their life and they trust and believe their partner very much and they both are honest for each of them they both are very spur-of-the-moment for each other. They understand their partner in all the situations and ready to be pair with them.

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shani ki saade saati

शनि की साढ़ेसाती में किस अंग पर पड़ता है बेहद असर

शनि की ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही अहम् भूमिका है। शनि को नवग्रहों में न्यायाधिपति माना जाता है। ज्योतिषी फलकथन में शनि की स्थिति एवं दृष्टि बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है। चाहे वो कोई भी जातक हो उसकी जन्मपत्रिका का परिक्षण कर उसके भविष्य के बारे में संकेत करने के लिए जन्मपत्रिका में शनि के प्रभाव का आंकलन करना अति आवश्यक है।

शनि स्वभाव में क्रूर एवं अलगाववादी ग्रह है। जब यह जन्मपत्रिका में किसी अशुभ भाव के स्वामी बनके किसी भी शुभ भाव में स्थित होते है तब जातक के अशुभ फल में अतीत वृद्धि कर देते है। शनि एक ऐसा ग्रह है जो कि मंद गति से चलता है। शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है। शनि की तीन दृष्टियां होती है- तृतीय, सप्तम एवं दशम।

ऐसा माना जाता है कि शनि जन्मपत्रिका में जिस भाव में स्थित होते है वहा से तीसरे, सातवे और दसवे भाव पर अपना दृष्टि प्रभाव रखते है। ज्योतिष अनुसार शनि दुःख के स्वामी भी है एवं शनि के शुभ होने पर व्यक्ति सुखी और अशुभ होने पर सदैव दुखी चिंतित रहता है।

जो शुभ शनि होते है वो अपनी साढ़ेसाती एवं ढैय्या में जातक को आशातीत लाभ प्रदान करते है वही दूसरी ओर अशुभ शनि दोष अपनी साढ़ेसाती एवं ढैय्या में जातक को घोर एवं असहनीय कष्ट देते है। साढ़ेसाती की अवधि के दौरान शनिदेव जातक के विभिन्न अंगों पर अपना शुभाशुभ प्रभाव डालते है। आज के लेख में हम आपको बताएगे कि साढ़ेसाती के दौरान शनि जातक के किस अंग को कितनी अवधि तक प्रभावित करते है।

  1. मस्तिष्क- 10 माह- सुखदायक
  2. मुख- 3 माह 10 दिन- हानि
  3. दाहिना नेत्र- 3 माह 10 दिन- शुभ
  4. बायां नेत्र- 3 माह 10 दिन- शुभ
  5. दाहिनी भुजा- 1 वर्ष 1 माह 10 दिन- विजय
  6. बायीं भुजा- 1 वर्ष 1 माह 10 दिन- उत्साह, पराक्रम
  7. ह्रदय- 1 वर्ष 4 माह 20 दिन- धनलाभ
  8. दाहिना पैर- 10 माह- यात्रा
  9. बायां पैर- 10 माह- संघर्ष
  10. गुदा- 6 माह 20 दिन- मानसिक चिन्ता व कष्ट

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if there is no yog of marriage in kundsli

अगर कुंडली में विवाह के योग नहीं है तो कैसे करे ठीक

आजकल ऐसा देखा जाता है कि लोग जब 30 और 35 के हो जाते है उसके बाद में शादी करने लगते है। लिव इन रिलेशनशिप के अनैतिक प्रचलन के चलते हुए लोग अब तो 40 की उम्र तक भी विवाह नहीं करते और आराम से मजे से रहते है। यह ऐसे लोग होते है जिनका कोई परिवार नहीं होता है। यह केवल एक स्वार्थ का संबंध होता है जो कि एक न एक दिन टूटता है उसके बाद में जिंदगीभर पछतावा पीछे छूट जाता है।

विवाह में कौन सी अड़चन आती है?

हाथ में विवाह की रेखा

जैसा की हम जानते है कि हाथ में बुध पर्वत के पास और मस्तिष्क रेखा के ऊपर संतान और विवाह की छोटी छोटी रेखाए होती है। इसे हम प्रेम रेखा भी कहते है। यह रेखा एक अथवा एक से अधिक होती है। अगर यह रेखा गहरी और लम्बी होती है तो वो व्यक्ति अपने रिश्ते को महत्व देता है। ऐसा माना जाता है कि अगर रेखा हल्की होती है तो व्यक्ति को अपने रिश्ते की परवाह नहीं होती है।

मंगल दोष

अधिकतर लोग मांगलिक होते है इसलिए भी उनके विवाह में देरी हो जाती है। अगर आपको पता है कि आप मांगलिक है तो आप उसका समय से पहले ही मंगल के उपाय करके लड़का या लड़की ढूंढना शुरू कर देना चाहिए था। लेकिन आजकल अधिकतर ऐसे लोग है जो कि विवाह को गंभीरता से नहीं लेते है।

कुंडली में विवाह के योग की स्थिति

अगर हम लड़के की कुंडली में विवाह के जिम्मेदार की बात करे तो उसमे शुक्र ग्रह और लड़की की कुंडली में गुरु ग्रह जिम्मेदार होता है। अगर लड़के की कुंडली में शुक्र कमजोर है तो विवाह में अड़चने आएगी और लड़की की कुंडली में गुरु कमजोर है तो विवाह में अड़चने आएगी। कहा जाता है कि दूसरा अगर सप्तम भाव एवं सप्तमेश, पंचम भाव एवं पंचमेश, बिगड़ा हुआ है तो अड़चने आएगी। कुछ प्रसिद्ध ज्योतिष द्वादश भाव एवं द्वादशेश, द्वितीय भाव एवं द्वितीयेश, अष्टम भाव एवं अष्टमेश भी देखते हैं।

कैसे कुंडली के दोषों को ठीक करे?

  • मंगल दोष निवारण के उपाय
  • रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करे।
  • भाई सगा हो या सौतेला उससे अच्छे संबंध रखे।
  • मॉस खाना छोड़ दे, कभी कभार खाने वालो में से है तो भी छोड़ दे।
  • घर दक्षिण में नीम का पेड़ लगाए और उसे प्रतिदिन जल चढ़ाए।
  • आँखों में सुरमा जरूर लगाए।
  • घर से बाहर निकलते समय गुड खाना चाहिए।
  • विवाह से पहले कुंभ या अश्वत्य विवाह करे और भात पूजा भी करवाए।

लड़की के लिए-

  • नियमित रूप से खरगोश को रोजाना खाना खिलाए।
  • हो सके तो गुरूवार को व्रत रखे और मंदिर में पीली वस्तुओं का दान करे।
  • गुरूवार को वट वृक्ष, पीपल और केले के वृक्ष पर जल अर्पित करे। इसी के साथ में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।
  • रोजाना माथे पर केसर या चन्दन का तिलक लगाए और तुलसी की माला पहने।
  • पीले वस्त्र ही पहने और घर में पर्दो का रंग गुलाबी रखे।
  • अगर आप भोजन में केसर का सेवन करते है तो इससे विवाह जल्दी एवं शीघ्र होने की संभावना बनती है।

लड़कों के लिए-

  • लड़को को शुक्र के लिए उपाय करने चाहिए।
  • लड़को को यह करना चाहिए की वे मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाए और वहा बैठ कर उनकी पूजा करे। इसके बाद में माथे से थोड़ा सा सिन्दूर लेकर उसे राम और सीता के मंदिर में राम और सीता के चरणों में चढ़ाकर उनसे अपने शीघ्र विवाह की कामना करे। इस उपाय को कम से कम 21 मंगलवार तक करे।
  • लड़के या लड़की दोनों के ही लिए यह उपाय कर सकते है। सोमवार के दिन एक किलो 200 ग्राम चने की दाल और सवा लीटर दूध किसी जरूरतमंद को दान करे।
  • किसी भी लाल गाय को रोटी में गुड लपेटकर खिलाते रहे या केसर भात खिलाए। आप ऐसा भी कर सकते है कि किसी भी गाय को गुरूवार को आटे के दो पेड़े पर थोड़ी हल्दी लगाकर खिलाए तथा इसी के साथ में थोडासा गुड़ और चने की पीली दाल भी खिलाए।
  • जो लोग विवाह योग्य है तो वह लोग विवाह के लिए प्रत्येक गुरूवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए।
  • शुक्ल पक्ष के हर एक सोमवार को व्रत रखे और आकड़े के आठ पत्ते की पूजा एवं अर्चना कर सात पत्तो की थाली बनाए और आठवे पत्ते पर अपने नाम लिख कर उसे शिवजी को अर्पित करे ।

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Dev uthani ekadashi

देवउठनी एकादशी पर इन कामो से बचे वरना बनेगे पाप के भागीदार

मुहूर्तः

एकादशी तिथि प्रारंभ : 7 नवंबर 2019 को 0 9:55 बजे से

एकादशी तिथि समाप्त : 8 नवंबर 2019 को रात्रि 12:24 बजे

9 नवंबर को व्रत पारण का समय : प्रात: 06:39 से 08:50 तक

मान्यता:

पौराणिक समय से ऐसी मान्यता है कि एकादशी का पर्व श्रीहरि विष्णु और उनके अवतारों के पूजन करने का पर्व है।

कहा जाता है कि अगर आप श्री हरी की उपासना करना चाहते है तो सबसे अद्भुत एकादशी कार्तिक महीने की एकादशी होती है। यह ऐसा दिन है जब भगवान श्रीहरि जागते है।

इसी वजह से इसे देव उठनी एकादशी भी कहा जाता है।

देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की लम्बी निंद्रा के बाद में जागते है। हिन्दू परम्पराओं के हिसाब से कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम की शादी तुलसी जी से होती है।

कहा जाता है कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए क्योकि चावल खाने से मन चंचल होता है और प्रभु भक्ति में मन नहीं लगता है।

पुरानी कथाओ के हिसाब से कहा जाता है कि माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महृषि मेघा ने शरीर त्याग कर दिया था। और उनका अंश पृथ्वी में समा गया था।

चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए इसलिए चावल और जौ को जीव माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन सुबह दातुन करना वर्जित है लेकिन यह चीज संभव नहीं है। देवउठनी एकादशी के दिन किसी पेड़ पौधे पत्तिया और फूल तोडना ख़ास वर्जित है।

एकादशी के दिन हो सके तो उपवास करे अगर तबियत या बीमारी की वजह से उपवास नहीं कर सकते तो ब्रह्मचर्य का पालन करे। यह ऐसा दिन है जिस दिन संयम रखना बहुत जरुरी है।

पौराणिक समय से ऐसी मान्यता है एवं धार्मिक मान्यता भी है कि एकादशी के दिन बिस्तर पर नहीं बल्कि जमीन और सोना चाहिए।

एक तो एकादशी और दूसरा द्वादशी के दिन तुलसी की पत्तिया नहीं तोड़नी चाहिए।

एकादशी के दिन मांस और नशीली वस्तुओं का सेवन भूलकर भी ना करे। स्नान करने के बाद भी कोई भी चीज ग्रहण करे।

जो एकादशी के दिन झूठ बोलता है उसको पाप लगता है। कहा जाता है कि झूठ बोलने से मन दूषित हो जाता है और दुषिर भक्ति के साथ में पूजा नहीं की जाती है। एकादशी के दिन भूलकर भी क्रोध नहीं करे।

एकादशी के दिन अनाज, दालें एवं बीन्स खाने से परहेज रखे। अगर आपका मन है और शक्ति है तो आप एकादशी का अच्छे से फास्टिंग कर सकते है उसके लिए केवल पानी पिएं तो बहुत ही सर्वोत्तम है लेकिन ही व्यस्त है तो आप फल, दूध या फिर बिना अनाज वाली चीजे भी अच्छे से खा सकते है।

एकादशी का मुख्या उद्देश्य यह होता है कि शरीर की जितनी भी जरूरते है उन्हें कम से कम रखा जाए और जितना हो सके यानी कि ज्यादा से ज्यादा वक़्त आध्यात्मिक लक्ष्य की पूर्ति में ही खर्च किया जा सके।

देवउठनी एकादशी की सुबह घर पर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

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4 Vastu Tips everyone should know

4 Vastu Shastra Tips Everyone Should Know

Vastu Shastra plays a very important role in our life. It helps to bring prosperity and happiness. Therefore Vastu is so reasonable based on analytical science but no assumptions. Vastu Shastra is an act that works upon a given space and allows positive energy to flow. One of the best parts of Vastu Shastra that guidelines are easy and simple to follow. Consequently, flexibility allows almost all the constructions to apply the Vastu principles. Additionally, the Vastu extracts energy from all the five basic elements of nature, for instance, they are the solar energy means sun, the lunar energy means moon, earth’s magnetic energy means earth and fire energy means fire. Therefore the balance of all the elements bring the nature prosperity in the life of a person

Get the 4 best Vastu tips:

For survival, man needs three essential things: food, air, and shelter. At the time of the shelter, you need to take care of some of the things according to the Vastu Shastra which is as follows.

  1. Bedroom

The bedroom is the only place where you can able to relax and forget all the worries and it gives a break from the stress. This is the room that enables you to have a sound sleep and helps to rejuvenate you for the next day. According to a survey it was recorded that nearly 1/3rd of the life goes in the sleeping but on the other hand if the bedroom is designed as per the Vastu Shastra principles then it will take care of this 1/3rd of the life. South West or the South is the ideal place to have the bedroom because it also applies to the master bedroom. As well as the entrance should be located in the north or east but not in the southwest.

  1. Sleeping Direction

The head of the person should be in the south and legs should be towards the northern direction for a sound and a peaceful sleep. On the other hand, you should never ever place your head in the north direction as it may cause ill health, bad dreams, and insomnia. Additionally sleeping with your head towards the east direction is the most effective quadrant, particularly for the students because this is the place where all the positive energy is stored. For the reason, students get up early in the morning and can turn to the right side and get the energy of the sun. This is the way by which you can able to start your day with positive energy and never face issues in education and jobs.

  1. Prayer Room

A bedroom is the most significant place in the house and after its prayer room. When you place the pictures of your deities it should be on the eastern side only. As well as keep in mind that never place pictures of the deceased person with the deities but on the outside of the altar. When you are building your prayer room, then do not build it under the staircase because it is not considered auspicious. If you have space under the staircase then you can use it for the storage. The pictures of the deities should be placed on the east that the ward can pray to face the east.

  1. Tulsi Plant

If you have tulsi at home then it is so auspicious in front of the house. It helps towards all the negative influences from your house. Thus the tulsi plant should be located in front of the house to the main entrance and the ideal place is east.

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Astrological Remedies for Early Marriage

Astrological Remedies for Early Marriage

Marriage is one of the most wonderful relations. A girl and the boy tied in the knot forever. And without marriage life is said to be incomplete. In India, marriages are celebrated with the much pomp and the grandeur. Parents of the girl mostly waited for this moment. The marriage of the girl is much important for her parents. If there is a delay in her marriage then this can be wreak havoc.

There are several reasons that arise in the life of the people due to which they face delay in the marriage. Consequently, delay in the marriage could be many as not able to find the perfect and the right match some doshas in the kundali, family deny for the love marriage and delay in the birth chart, etc. This is a very serious matter for the parents when the marriage of both the sons and daughters is delayed beyond the accepted time and then delay in the marriage is always a major cause of the concern.

How birth chart analysis helpful in finding out delays in marriage?

This is quite common that parents get tensed or worried about the child’s marriage then it is better to take his or her horoscope to the astrologer. Then the first astrologer will analyze why he or she is facing issues and delays in the marriage. He will provide you with effective remedies that will be helpful to tell you that when he or she will get married. It will help to know the delay and obstacles in the time of the marriage to get the birth chart analyzed. Through this, you can able to find out whether there are any doshas in the kundali of the individual is Manglik. After the analyzing process, parents and the individual is able to seek the remedies to avoid the obstacles in the marriage purpose.

How to avoid delay in the marriage?

Here we are providing the best and effective remedies that will help to remove the delay in the marriage and soon you will be able to get married.

  • If you are a girl and want to avoid the delay in the marriage then you should keep the fast for the 16 consecutive Mondays. Then offer Jal Abhishek with water to the shiv linga regularly. As well as pray for the early marriage to the lord shiva and goddess Parvati. You will able to get better marriage proposals through this.
  • Feed the green grass or the spinach regularly to the cow it helps to eliminate the delay in the marriage.
  • Check out the auspicious time or the muhurat then get the root of the banana tree. Then energize it by worshipping it. Now keep it securely wrapped in a yellow cloth.
  • There are some people who have Rahu dosha in the kundali. This is also the reason which causes a delay in the marriage. If you have the Rahu Dosha in your Kundali then you can worship Goddess Durga. It helps to remove the obstacles from your marriage.
  • Tulsi marriage is also a great remedy to remove the delay in marriage problems. Perform this Puja after consulting the astrologer.
  • Above all are some of the remedies that are helpful to perform. If still, you are facing issues then you can consult us and get rid of the factors that are creating hurdles in your marriage life.

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astrological remedies for improving love relationship

Astrological Remedies for Improving Love Relationship

Love is the most wonderful feeling in the world. For the reason, there are many people who are in love with their partner. For the reason like every relationship, each and every couple goes through several ups and downs. Nowadays there are many couples who are facing a lot of issues in their love life. At that time it is necessary to deal with these kinds of issues at the right time otherwise it becomes worse as time goes. Thus here we are providing the best and effective astrological remedies for improving love relationships. With the help of these remedies, you will able to improve the issues that you are facing in your life. By using these astrological remedies you will able to make the things in your favor. All the problems will eliminate soon.

Effective Mantra to resolve Love Relationship

The most common and appropriate remedy that is used to improve the love relationship is the “Trayashari Mahamrityunjaya Mantra”. This is an effective mantra that helps to solve the inner conflicts and helps to create a balance of power too. Below mention is the mantra:

“ऊँहौंजूंस: अथवाऊँजूंस: and ऊँ नम: शिवाय”!

You can chant this mantra on the Shukla Paksha’s first Monday. For the reason, this mantra is dedicated to the lord shiva and the better come out of it when you chant this powerful and effective mantra in the temple. On the other hand, if you are not able to chant this mantra in the temple then you can chant the mantra at the home with pure mind and heart. You must sure that there will be less distraction at that time. If you and your spouse both are chanting this effective mantra then it is so beneficial for your relationship. The minimum duration for chanting this mantra is 21 days.

There are several times when the lord and the planet of the 7th house get inflicted due to which couples face a lot of issues in their love relationship. If there is Rahu in the 7th house then it can cause so many issues in the life of the couples as well as destroys marital life.

In some cases, if the lord of 7th house is currently lodged in the 6th, 12th or 8th house then your relationship will not receive benefit aspect.

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6 Surefire Ways to Get Married Early for Mangalik People

6 Surefire Ways to Get Married Early for Mangalik People

Nowadays people want to focus on their studies first instead of anything else. In our society, this is the most common problem that people face nowadays is the delay in marriage. For the reason, there can be numerous reasons that cause a delay in the marriage. One of the most common reasons for a delay in marriage is not finding the right and appropriate match. On the other hand, there is mangal dosh in people’s birth charts due to which they face delay in marriage and not able to get married at the right age.

Additionally, if there is a delay in the marriage of a child or if there are several obstacles that come in life then parents start worrying about them. As well as according to astrology is there is a mangal defect in the girl’s horoscope then the level of the anxiety increases. If someone has a mangalik dosha defect in the horoscope of a person then he has to face so many obstacles in his or her marriage.

How to Remove Mangalik Defects & Know the ways of Early Marriage

  • If the boy or girl is Manglik, then read the Chandika source every Tuesday to remove its defect. This will helps to remove the factors that are arising obstacles in a marriage.
  • Orbit the peepal tree 16 times on Saturday. And offer water to Peepal. This will remove the obstacle in marriage.
  • People suffering from Mangal Dosh should get their bedroom door painted red.
  • On Tuesday, offer vermilion to Hanuman Ji, who is suffering from Mangal Dosh. And light the lamp. It helps remove the obstacles in a marriage.
  • Whenever the mangled aggrieved parents leave the house for a relationship, eat a little jaggery and leave. Auspicious results will come from it.
  • Manglik boys should donate 1200 grams of gram dal and 1.5-liter milk to the temple for quick marriage. Do this by 16 Monday. Soon marriage will be formed.

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happy dussehra

Dussehra 2019 – Significance and Shubh Vijay Muhurat

The festival of Dussehra also called Vijayadashami (Vijay means victory and Dashami means tenth day) is celebrated every year by the Hindu people all over the country in the happiness of triumph of lord Rama over the 10-headed demon or devil king Ravana. Dussehra, which is celebrated on the 10th day the Shukla paksha of the month of Ashvin. This festival is celebrated after the conclusion of the nine-day Navratri. In 2019 it falls on October 8.

Significance of Dussehra:

Dussehra is a festival and celebration of the victory of good or evil and the festival which signifies that wrongdoings on someone or on some the other day is coming on the front of everyone or in front of god and he will be punished about all wrongdoings as by his choice. This day is also celebrated to the mark the victory of goddess Durga over Mahishasur.

Dussehra/Vijayadashami – 8th October 2019:

Vijay Muhurat – 02:04 pm to 02:50 pm

Aparna Puja Time – 01:17 pm to 03:36 pm

Dashami Tithi Begins – 12:37 pm (7th October)

Dashami Tithi Ends- 02:50 pm (8th October).

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