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भाग्यषाली योग

स्त्री की कुण्डली में लंग्नेष, चन्द्रमा, सप्तमेष व भाग्येष यदि अच्छे स्थानों में बलवान षुभग्रह युक्त होकर सिथत हों तो वह प्रतिशिठत, परिवार में माननीय, पुण्यषालिनी, कार्य कुषल, सुन्दर, भाग्यवती होती है। वह पति का प्रिय, पुत्रवती, कल्याणी, सच्चरित्रा होती है।

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