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मंगल का मेष राशि में गोचर- जाने किस राशि की चकेगी किस्मत

 
मंगल ग्रह 5 फरवरी 2019, मंगलवार को 23:57 बजे अपनी स्वराशि मेष में गोचर करेगा और यह 22 मार्च को शुक्रवार के दिन 15:20 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। उसके बाद यह वृषभ राशि में गोचर करेगा। मंगल ग्रह का मेष राशि में गोचर से आपके जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के बदलाव आएंगे। 
 
ज्योतिष में मंगल ग्रह को भूमि, सेना, पराक्रम और ऊर्जा का कारक माना जाता है। यह लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है। सौर मंडल का यह लाल ग्रह भी कहलाता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। जबकि मकर इसकी उच्च राशि है कर्कइसकी नीच राशि कहलाती है। अपनी उच्च राशि में कोई भी ग्रह शक्तिशाली होता है और जब ग्रह अपनी नीच राशि में बैठा हो तो वह दुर्बल हो जाता है। नक्षत्रों में मंगल ग्रह को मृगशिरा, चित्रा एवं धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी माना जाता है।
 
यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह उसके प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या फिर द्वादश भाव में बैठा हो तो यह स्थिति कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण करती है। मंगल दोष के कारण ही व्यक्ति को विवाह में देरी या फिर विवाह से संबंधित अन्य प्रकार की रुकावटें आती हैं। वहीं मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यक्ति निडर और ऊर्जावान होता है। व्यक्ति स्वतंत्र रूप में अपना कार्य करता है। साथ ही किसी भी खेल में उसका प्रदर्शन भी बढ़िया होता है।
 
यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है।
 
मेष
 
मंगल ग्रह आपकी राशि में गोचर करेगा और यह आपके लग्न यानि तनु भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में लग्न भाव से व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार, शारीरिक संचरना एवं स्वास्थ्य को देखा जाता है। आपके लग्न भाव से मंगल की उपस्थिति आपको ऊर्जावान रखेगी। गोचर के दौरान आपकी सेहत में सुधार देखा जा सकता है। परंतु आपको छोटी-छोटी बातों में गुस्सा भी आ सकता है। इसलिए आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की ज़रुरत होगी। अन्यथा यह क्रोध झगड़े का कारण बन सकता है। इस समय आप किसी खेल में हिस्सा ले सकते हैं। कार्य स्थल पर आप नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे और लक्ष्य प्राप्ति के लिए अग्रसर रहेंगे। हालाँकि पहले भाव से मंगल आपके चौथे और सातवें भाव पर दृष्टि रखेगा जो आपके लिए उत्तम संकेत नहीं है। कुंडली में चौथा भाव सुख का भाव होता है। इस भाव से सुख के अलावा माता, चल-अचल संपत्ति आदि को देखा जाता है। जबकि सातवाँ विवाह भाव कहलाता है। यह व्यक्ति दांपत्य जीवन, जीवनसाथी और जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले साझेदार के बारे में बताता है। ऐसे में गोचर के दौरान मां की सेहत ख़राब हो सकती है। इसलिए आपको उनकी सेहत पर ध्यान देना होगा। वैवाहिक जीवन में किसी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि परिस्थिति एक समान नहीं रहेगी। इसलिए इस बीच आपको अच्छे पलों का भी अनुभव होगा। लव लाइफ में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव नज़र आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन अच्छा होगा। बॉस अथवा सीनियर को आप अपने कार्य से प्रभावित करेंगे।
 
उपाय: ज़रुरतमंद लोगों में सात तरह के अनाज वितरित करें।
 
वृषभ
 
मंगल ग्रह आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में 12वाँ भाव व्यय, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि के विषय में जानकारी देता है। मंगल के गोचर का प्रभाव आपके आर्थिक पक्ष को मुख्य रूप से प्रभावित करेगा। इस दौरान आपके ख़र्चे तेज़ी से बढ़ेंगे। इस गोचर से आपके अप्रत्याशित ख़र्चों के बढ़ने के भी आसार नज़र आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में आपको विवेक से काम लेना होगा। ख़ासकर धन की बचत करने की कोशिश करें। इसके लिए आपको आर्थिक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। यह यात्रा काम के सिलसिले की हो सकती है। पारिवारिक जीवन में भाई बहनों को सफलता मिलती हुई दिखाई देगी। लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ा परिश्रम भी करना पड़ सकता है। सेहत की दृष्टि से देखा जाए तो मंगल का गोचर आपके लिए बहुत अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपकी सेहत बिगड़ सकती है। हालांकि अगर कोई अदालती मामला चल रहा है तो इस कानूनी लड़ाई में जीत आपकी ही होगी। आप कई क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और शत्रुओं व विरोधियों पर हावी रहेंगे। अगर भाई-बहनों के साथ कोई मतभेद है तो इस अवधि में सुलह हो जाएगी। बिज़नेस पार्टनरशिप में थोड़ी सावधानी बरतने की ज़रुरत होगी। आपके ननिहाल पक्ष में किसी व्यक्ति की सेहत गड़बड़ा सकती है।
 
उपाय: लाल कपड़े में गुड़ रखकर दान करें।
 
मिथुन
 
मंगल आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में एकादश भाव लाभ का भाव कहलाता है। अतः इस भाव में मंगल का गोचर आपके आर्थिक जीवन में मजबूती लेकर आएगा। इस अवधि में आपकी आमदनी में ज़बरदस्त इज़ाफा होगा। आपके पास रुका हुआ या फिर कहीं अटका हुआ पैसा वापस आ सकता है। यदि आपने बैंक से लोन लेने के लिए आवेदन किया है तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। वहीं कार्य क्षेत्र में नौकरी या बिज़नेस में पूर्व में किए गए प्रयासों का बेहतर फल मिलेगा। यदि कोर्ट में आपके खिलाफ कोई केस चल रहा है तो फैसला आपके ही पक्ष में आएगा। प्रेम एवं निजी जीवन में मिलेजुले परिणाम प्राप्त होंगे। अर्थात इस दौरान आपको अच्छे व कड़वे अनुभवों का सामना करना पड़ सकता है। मंगल के इस गोचर का असर आपकी संतान के ऊपर भी पड़ सकता है। फलकथन के अनुसार संतान को शिक्षा और सेहत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में उनकी देखभाल करें। इस अवधि में आप नए लोगों से मुलाक़ात करेंगे और आपका सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। पुराने मित्रों से मिलकर आपकी बीती यादें ताज़ा हो सकती हैं। गोचर के दौरान आपको अपनी सेहत का पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। ध्यान रहे, सेहत के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही आपको महंगी पड़ सकती है।
 
उपाय: रोजाना गाय को हरा चारा खिलायें।
 
कर्क
 
कर्क राशि के जातकों को कार्य क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मंगल आपके कर्म भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भावको कर्म भाव के नाम से जाना जाता है। यह भाव व्यक्ति के करियर को दर्शाता है। कार्य स्थल पर आपके सफल प्रयासों को सराहा जाएगा। बॉस या फिर आपके सीनियर्स आपके कार्य की प्रशंसा करेंगे। इस दौरान पदोन्नति, वेतन बढ़ोतरी और आपके अधिकारों में वृद्धि होगी। लेकिन ऊँचाई पर पहुँचने के बाद अपने व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें। इससे आपका व्यक्तित्व और भी ऊँचा होगा। इसके साथ ही कार्य क्षेत्र में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से अच्छे संबंध बनाए रखें। रक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे जातकों को यह गोचर बहुत ही शुभ परिणाम देने वाला हो सकता है। गोचर के दौरान ऐसा भी संभव है कि आप किसी विवादित प्रकरण में फंस सकते हैं। इससे आप परेशान रह सकते हैं। काम की अधिकता की वजह से स्वभाव में चिड-चिड़ापन आ सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि काम से वक्त निकालकर परिजनों के साथ कुछ समय बिताएं। इससे आपको ताज़गी का अनुभव होगा। आप चाहें तो छुट्टियों में कहीं घूमकर भी आ सकते हैं। निजी जीवन में भी आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। आपकी संतान पढ़ाई-लिखाई में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उनकी सफलता का यह क्षण आपको बेहद खुशी देगा। गोचर के दौरान आप हर समय खुश-मिज़ाज और आशावादी रहेंगे।
 
उपाय: हाथ में चाँदी का कड़ा धारण करें।
 
सिंह
 
मंगल ग्रह आपकी राशि से नौवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में नवम भाव से धर्म, गुरु, लंबी दूरी की यात्रा, भाग्य, सिद्धांत आदि को देखा जाता है। लिहाज़ा इस दौरान आपको किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाना पड़ सकता है। यह यात्रा आपके लिए लाभकारी साबित हो सकती है। यह यात्रा कार्य के सिलसिले में या फिर यह धार्मिक यात्रा भी हो सकती है। गोचर के दौरान आप अपने सिद्धातों पर अडिग रह सकते हैं। जहाँ तक आपके भाग्य का सवाल है तो आपको इस समय अपने भाग्य की बजाय कर्मों पर ही भरोसा करना चाहिए। इस बात पर हमेशा ग़ौर करें कि जो व्यक्ति मेहनती होता है भाग्य भी उन्हीं लोगों का साथ होता है। मंगल के इस गोचर से आपका आर्थिक पक्ष मजबूत हो सकता है। आपकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सकती है। कार्य क्षेत्र से धन लाभ हो सकता है। इस अवधि में छात्रों को गुरु का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। इससे उन्हें विद्यार्जन में अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में आपके भाई-बहनों के जीवन में भी बदलाव आएगा। यह बदलाव दोनों तरह का हो सकता है। मंगल के प्रभाव से आप स्वयं के अंदर एक नई ऊर्जा महसूस करेंगे और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे। आप अपने कार्य स्थल पर जमकर मेहनत करेंगे और आपकी मेहनत भी रंग लाएगी।
 
उपाय: शनिवार के दिन किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को नीले रंग का कंबल दान करें।
 
कन्या
 
मंगल ग्रह आपकी राशि से आठवें भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में आठवाँ भावआयुर्भाव कहलाता है। इस भाव से व्यक्ति की आयु, जन्म-मृत्यु, उसके जीवन में अप्रत्याशित रूप में होने वाली घटनाएं, गूढ़ एवं शोध आदि को दर्शाया जाता है। इस भाव में मंगल का गोचर आपके लिए परेशानियाँ पैदा कर सकता है। इसलिए मंगल की यह स्थिति आपके लिए थोड़ी चिंताजनक हो सकती है। इस दौरान आपको रक्त जनित रोग हो सकता है। इसलिए आपको इस संबंध में थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें। यदि ज़रुरी न हो तो यात्रा को टाला भी जा सकता है। बहरहाल, परिस्थितियाँ आपके अनुकूल भी होंगी। लिहाज़ा डरने की ऐसी कोई बात नहीं है। इस अवधि में आपको अचानक से धन प्राप्त हो सकता है। ससुराल पक्ष की ओर से किसी प्रकार का बढ़िया तोहफ़ा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में ऐसा हो सकता है कि आपको शायद आशा के मुताबिक़ परिणाम न मिलें। ऐसे में आप निराश हो सकते हैं। परंतु मेहनत करते रहें, आपको सफलता अवश्य मिलेगी।
 
उपाय: रोजाना गाय को गुड़ खिलायें।
 
तुला
 
तुला राशि के जातक अपने जीवन में बैलेंस बनाकर रखने वाले होते हैं। इस गोचर के दौरान भी आप अपने जीवन पर नियंत्रण रखने की कोशिश करेंगे। मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा। जन्म कुंडली में सातवाँ भाव विवाह, जीवनवसाथी, साझेदार एवं सभी लोगों से सामान्य रिश्ते को दर्शाता है। मंगल का यह गोचर आपके वैवाहिक जीवन के लिए कम अनुकूल होगा। इस दौरान जीवनसाथी से मनमुटाव हो सकता है अथवा उनसे किसी बात को लेकर झगड़ा भी हो सकता है। दांपत्य जीवन में कठिनाइयाँ आ सकती हैं। वहीं जो जातक अविवाहित हैं, उनके विवाह में भी देरी हो सकती है। प्रेम जीवन में परिस्थितियाँ बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं होंगी। लिहाज़ा आपको अपने दांपत्य और प्रेम जीवन में संभलकर रहना होगा। जहाँ व्यापार या कारोबार की बात है तो यह गोचर साझेदारी में व्यापार करने वाले जातकों के लिए अच्छा हो सकता है। इस दौरान व्यापार में लाभ की प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा नौकरी पेशा जातकों को इंक्रीमेंट और प्रमोशन मिलने के योग बन रहे हैं। सामाजिक जीवन में लोगों से आपके संबंध सुधरेंगे और भविष्य में आपको इसका लाभ मिलेगा।
 
उपाय: शुक्रवार के दिन शिव मंदिर में खीर का भोग लगाएं।
 
वृश्चिक
 
मंगल ग्रह आपकी राशि का स्वामी है। यह आपके छठे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में छठा भाव शत्रु, रोग, पीड़ा, क़ानूनी विवाद, रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि के बारे में जानकारी देता है। इस भाव में मंगल की उपस्थिति आपके लिए कई मायनों में लाभकारी साबित हो सकती है। इस अवधि में आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे। आपका भय उनके मनोबल को कमज़ोर करेगा। शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। वहीं अगर किसी कोर्ट कचहरी में आप किसी मामले को लेकर क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं तो उसमें आने वाला फैसला आपके हक़ में आ सकता है। हालाँकि आपको अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा। ऐसी चीज़ों का सेवन न करें जिससे उसका विपरीत असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। दूसरी ओर अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। क्योंकि इससे आपका झगड़ा भी हो सकता है। गोचर के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है। इस अवधि में छात्रों को जबरदस्त कामयाबी मिलने के योग भी बन रहे हैं, खासकर उन छात्रों को जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वहीं नौकरी और बिज़नेस में सफलता व तरक्की पाने के लिए जातकों को कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। यदि आप अपने आर्थिक पक्ष को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको अपने ख़र्चों पर लगाम लगाने की ज़रूरत होगी।
 
उपाय: शनिवार के दिन मंदिर या किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को सरसों के तेल का दान करें।
 
धनु
 
मंगल ग्रह आपकी राशि से पांचवें भाव में गोचर करेगा। पंचम भाव से संतान, उच्च शिक्षा, रोमांस, नए अवसर एवं रचनात्मकता आदि को देखा जाता है। इस दौरान धनु राशि के जातकों के संतान के स्वभाव में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। उनके स्वभाव में गुस्सा देखा जा सकता है या फिर वे जिद्दी हो सकते हैं। जहाँ तक छात्रों की शिक्षा की बात है तो छात्रों का पढ़ाई में मन कम लगेगा। वे पढ़ाई की अपेक्षा खेलूकूद और ऑनलाइन गेमिंग में अपना समय अधिक लगा सकते हैं। हालाँकि आपके अंदर ऊर्जा की कोई कमी नहीं होगी। रोमांस की बात करें तो, इस समय आपके अंदर अंहकार देखा जा सकता है। जिससे आपके प्रेम जीवन में कड़वाहट घुल सकती है। लिहाज़ा आपको इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्य क्षेत्र में नए अवसर आएंगे। इसलिए उन्हें पहचानें और उन्हें भुनाने का पूरा प्रयास करें। जो छात्र कला, संगीत, नृत्य एवं साहित्य क्षेत्र से संबंध रखते हैं तो उनके अंदर रचनात्मकता विकसित होगी जिससे उन्हें फायदा होगा। सेहत की दृष्टि से मंगल का ये गोचर आपके लिए अच्छा रह सकता है। आप ख़ुद को ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं।
 
उपाय: प्राणायाम करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
 
मकर
 
आपकी राशि मंगल ग्रह की उच्च राशि है। मंगल ग्रह आपके चौथे भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, वाहन, प्रॉपर्टी एवं सभी प्रकार के सुखों को देखा जाता है। इस अवधि में प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में आपको लाभ मिल सकता है। इसके अलावा अगर आप कोई नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। इस समय आप कोई प्रॉपर्टी भी ख़रीद सकते हैं। परिवार में माता जी की सेहत को लेकर आपको ध्यान देना होगा। इस समय माता जी के स्वभाव में क्रोध बढ़ सकता है। मंगल का गोचर आपके जीवनसाथी के करियर को गति देगा। लेकिन जीवन साथी के साथ छोटे-मोटे विवाद होने की आशंका भी नज़र आ रही है। इसलिए आपको उनके साथ तालमेल बनाकर चलना होगा। आप अपने करियर के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और आपको इसके सकारात्मक परिणाम भी प्राप्त होंगे।
 
उपाय: शनि स्त्रोत का जप करें।
 
कुंभ
 
मंगल का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा। कुंडली में तीसरा भाव पराक्रम, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहन, महत्वाकांक्षा, जुनून, जोश आदि के बारे में जानकारी देता है। इस अवधि में मंगल के प्रभाव से आपके पराक्रम में बढ़ोतरी होगी। आपका आत्म विश्वास बढ़ेगा और आप अपने कर्म क्षेत्र में ऊर्जावान और सक्रिय दिखाई देंगे। इस दौरान आप किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं। यह यात्रा आपके लिए सुखद साबित हो सकती है। वहीं यह समय आपके छोटे भाई-बहनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्हें उनके कार्यों में सफलता प्राप्त हो सकती है। मंगल के इस गोचर के दौरान संयम और समझदारी के साथ किए गए हर काम में सफलता मिलेगी। कार्य स्थल पर सहकर्मी आपकी मदद करेंगे। अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं या जॉब चेंज करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बेहद अनुकूल होगा। नौकरी के नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है, वे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफलता मिल सकती है। हालाँकि इसमें उनकी मेहनत का बड़ा योगदान होगा।
 
उपाय: कुत्ते को रोटी खिलायें।
 
मीन
 
मंगल ग्रह आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। कुंडली का दूसरा भाव धन भाव कहलाता है। ज्योतिष में इस भाव से धन, परिवार, वाणी, प्रारंभिक शिक्षा आदि को देखा जाता है। इस दौरान मंगल के प्रभाव से आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। आप अपना पैतृक यानि खानदानी व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। इसमें पिता की मदद से आपको लाभ प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में बच्चों की खराब सेहत आपके लिए चिंता का कारण बन सकती है। इससे उनकी पढ़ाई में भी व्यवधान पैदा हो सकता है। छात्रों को बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। ख़ासकर जो जातक उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उन्हें अधिक लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में भी आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। परंतु घर में किसी बात को लेकर विवाद भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको शांति बहाल करने का प्रयास करना होगा। जीवन साथी की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। इस बीच आपको अपने जीवनसाथी की सेहत पर भी ध्यान देना होगा।
 
उपाय: हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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