logo
India Free Classifieds

इस साल देवउठनी एकादशी के बाद नहीं होंगी शादियां

शादी शुभ मुहूर्त 2018: इस साल देवउठनी एकादशी के बाद नहीं होंगी शादियां, जानिए मुख्य वजह
 
*देवउठनी एकादशी इस साल 19 नवंबर, सोमवार की हैं। देवउठनी एकादशी के दिन देवता जागते है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि देवताओं के जागने के बाद किसी भी शुभ मुहूर्त में शादी-विवाह आदि के मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
 
*लेकिन 2018 में इस साल ऐसा नहीं होगा अब की बार देवउठनी एकादशी के बाद भी शादी वगैरहा नहीं हो पाएगी। इसकी मुख्य वजह बताई जा रही हैं कि देवउठनी एकादशी से पहले ही गुरू का तारा अस्त हो रहा हैं।
 
*शादी- विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को करने में गुरू यानी बृहस्पति ग्रह की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गुरू ही वह ग्रह है जिसके प्रबल होने पर किसी जातक के विवाह के योग बनते हैं। ऐसे में देवउठनी एकादशी से पहले ही गुरू का तारा अस्त होने पर मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे।
 
*यदि कोई जातक गुरू के तारे के अस्त होने को ना मानते हुए विवाह आदि के मांगलिक कार्य कर लेता है, तो उस व्यक्ति का वह कार्य और उसका उद्देश्य कभी पूर्ण नहीं होता है। यदि इस समयावधि में शादी की जाएं तो वो दंपति कभी सुखी जीवन व्यतीत नहीं कर पाता हैं।
 
*हिन्दू धर्म शास्त्रों में गुरु व शुक्र का उदय व अस्त होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुरु और शुक्र के अस्त स्वरूप होने पर सभी प्रकार के शुभ कार्यों जैसे विवाह, नामकरण, मुंडन, व्रतारंभ, व्रत-उद्यापन, गृहप्रवेश आदि का निषेध होते है। आइए जानते हैं कि गुरु के अस्त-उदय काल क्या हैं-
 
* गुरू का तारा अस्त 2018
12 नवंबर, सोमवार - कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से गुरु का तारा पश्चिम में अस्त हो गया है।
 
मांगलिक कार्यों की शुरूआत अब गुरू का तारा उदय होने पर होगी।
 
** गुरू का तारा उदय 2018
 
7 दिसम्बर, शुक्रवार मार्गशीर्ष अमावस्या को गुरु का तारा पूर्व में उदय होगा

More एक नज़र

ज्योतिष ज्ञान

img

पुत्र प्राप्ति यन्त्र

रविवार के दिन सर्पाक्षी के पत्तो से युक्त डाली लाकर एक...

Click here
img

कुन्डली रहस्य

पंचम भाव में शनि मंगल लग्नेष के साथ हो तो...

Click here
img

संतान का लिंग बताता है चीनी कैलेंडर

मनचाही संतान प्रापित के लिए सवरोदय विज्ञान का...

Click here
img

रत्नों की जांच कैसे हो

कभी भी ज्योतिष की सलाह के बिना रत्न धारण नहीं...

Click here
img

रूद्राक्ष के प्रयोग

यदि मन्त्र षकित (विधान) के साथ धारण किया...

Click here
img

ग्रह दान वस्तु चक्रम

टीका-साधु, ब्रáणों और भूखों को भोजन कराने...

Click here
img

मंगली दोश के उपाय

जातक के लग्न में अषुभ मंगल होने से मंगली दोश बनता हो तो जातक को...

Click here

Can ask any question