logo
India Free Classifieds
Consult Your Problem Helpline No.
8739999912, 9950227806


अक्षय धन भंडार हेतु दर्पण से वास्तु शास्त्र के सरल उपाय और टोटके-

दर्पण और वास्तु शास्त्र वास्तु शास्त्र के अनुसार दर्पण काफी शक्तिशाली और सबसे सरल उपायों में से एक माना गया है. "दर्पण" वास्तु शास्त्र में किसी भी प्रकार के वास्तु -दोष निवारण के लिए काफी उपयोगी माना गया है . यदि वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुरूप दर्पण का प्रयोग हो तो, दर्पण में अप्रत्याशित सौभाग्य, धन-संपत्ति, और घर में हर्षोल्लास लाने की क्षमता होती है. 
 
                                             हालाँकि, यदि घर का दर्पण यदि वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुरूप ना हो तो ये घर में दुर्भाग्य को आकर्षित करता है, ये घर में गरीबी और दुःख का भी कारक हो सकता है. हमारे आज के लेख में आएये जानते हैं कि आखिर क्यूँ वास्तु शास्त्र में दर्पण को इतना शक्तिशाली माना गया है ?
 
आखिर दर्पण इतना शक्तिशाली क्यूँ माना जाता है ?
 
वास्तु शास्त्र दर्पण को इतना शक्तिशाली मानता है इसके पीछे का तर्क बहुत सरल है . वास्तु शास्त्र के अनुसार दर्पण में सकारात्मक उर्जा को अवशोषित करने और परावर्तित करने की क्षमता होती है, परन्तु दर्पण नकारात्मक उर्जा को पुर्णतः अवशोषित करते हैं. यही विशेष कारण है कि यदि किसी भी घर में दर्पण हो तो विशेष कोण के अनुसार या तो ये सकारात्मक उर्जा की वृद्धि करेगा या तो घर का वातावरण पुर्णतः नकारात्मक हो जायेगा .
 
घर में दर्पण के विभिन्न जगहों के प्रभाव -
 
ये इस बात पे निर्भर करता है कि दर्पण कहाँ लगा है , इसके प्रभाव उसी अनुरूप होंगे . उदहारण के लिए-
 
दर्पण का विभिन्न कोणों के प्रभाव 
 
सकारात्मक प्रभाव-
 
- यदि दर्पण को आप अपने तिजोरी के सम्मुख रखते हैं तो ये आपके धन सम्पदा में दिन दुगुनी , रात चौगुनी वृद्धि का कारक बनेगा . यहाँ अवश्थित दर्पण सकारात्मक उर्जा में वृद्धि करता है, और हर बढ़ते समय के साथ आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर और बेहतर होती जाती है.
 
नकारात्मक प्रभाव-
 
- यदि आपका दर्पण घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने है , तो ये उन साड़ी सकारात्मक उर्जाओं को परावर्तित  कर देगा जो आपके घर में आ रही होंगीं. चूँकि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार हर प्रकार की उर्जा का प्रवेश द्वार होता है , और इस स्थान से सबसे अत्यधिक उर्जा आपके घर के अन्दर आती है, इसिलए इस स्थान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए . अतः दर्पण को किसी भी ऐसे वास्तु के ठीक सामने ना रखें जिसमें नकारात्मक उर्जा हो, अन्यथा ये सारी नकारात्मक उर्जा को अवशोषित करेगा और घर में नकारात्मक उर्जा का भण्डार  बढेगा . अपने घर या ऑफिस में कहीं भी दर्पण लगायें तो वास्तु शास्त्र के नियमों को नज़रअंदाज़ ना करें 
 
दर्पण से जुड़े महत्वपूर्ण उपाय, टोटके एवं तथ्य-
 
- घर में यथासंभव चौकोर या आयताकार शीशा ही लगायें 
 
- प्रयास करें कि दर्पण जिस भी दीवार पे लगायें, दर्पण फर्श से कम कम से कम 4 से 5 फीट की ऊंचाई पे हो .
 
- दर्पण को घर की उत्तर और पूर्व दिशा की दीवार पे लगाना सबसे उत्तम रहता है .
 
- अपने ड्रेसिंग टेबल में एक बड़ा शीशा लगाये और इसे अपने बिस्तर के साइड में लगाये ताकि सोते समय आप शीशे में ना दिखें , ऐसा करना शुभ माना जाता है .
 
- यदि आपके घर का कोई कोना कटा हुआ है तो उस दिशा में शीशा लगा दें, इससे उस कोने का वास्तु दोष
समाप्त हो जायेगा.
 
- घर में खाने की डाइनिंग टेबल के सम्मुख रखा दर्पण घर में अखंड धन-धान्य का कारक होता है .
 
- तिजोरी के सम्मुख रखा दर्पण धन में दिन दुगुनी, रात चौगुनी वृद्धि करता है ।
 
दर्पण से सम्बंधित इन चीज़ों को करने से जरुर बचें -
 
1. अंडाकार और गोल आकार का दर्पण इस्तेमाल हर समय  ना करें इसे केवल कुछ नकारात्मक ऊर्जा के प्रयोगों में ही लाया जाता है .
 
2. कदापि घर के मुख्य द्वार के सम्मुख दर्पण या कोई भी चमकीली वस्तु ना रखें. ऐसी की भी वस्तु जिससे प्रकाश का परवारतें होता हो , उसे अपने घर या ऑफिस के मुख्या द्वार के सम्मुख लगाने से घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक उर्जा वापस परावर्तित हो जाती है .
 
3. यदि आप अपने बेडरूम में दर्पण लगाते हैं तो इस विषय का ध्यान अवश्य रखें की सोते समय शरीर के किसी भी अंग का प्रतिबिम्ब ना बने , अन्यथा शरीर में व्याधि उत्पन्न होती है.
 
4. घर के खिड़की और दरवाजों के शीशे कभी भी पारदर्शक नहीं होने चाहियें .
5. कदापि भी दो दर्पण एक दुसरे के सम्मुख नहीं लगाने चाहियें, इससे उर्जा अनियंत्रित होती है .
 
6. घर की सीढ़ियों के आसपास दर्पण नहीं लगाने चाहियें, चुनी घर के वास्तु में सीढ़ियों का अपना अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है, इसीलिए घर की सीढ़ियों वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार ही बनाना चाहिए.
 
आशा है की आपको ये पोस्ट बहुत पसंद आयी होगी आप अपने घर और ऑफिस में वास्तु शास्त्र और दर्पण से सम्बंधित इन नियमों को अपनाएं और सकारात्मक उर्जा की वृधि करें और अपने जीवन को खुशहाल बनाये . अपने सुहव और कमेंट हमें भेजें और अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ इस जानकारी को साझा करें और कुछ त्रुटी लगे तो हमें बताएं, हम यथासंभव उसे दूर करने का भी प्रयास करेंगें .
 
astrology,kundli prediction & remedies call 9829452307

More Vastu

ज्योतिष ज्ञान

img

पुत्र प्राप्ति यन्त्र

रविवार के दिन सर्पाक्षी के पत्तो से युक्त डाली लाकर एक...

Click here
img

कुन्डली रहस्य

पंचम भाव में शनि मंगल लग्नेष के साथ हो तो...

Click here
img

संतान का लिंग बताता है चीनी कैलेंडर

मनचाही संतान प्रापित के लिए सवरोदय विज्ञान का...

Click here
img

रत्नों की जांच कैसे हो

कभी भी ज्योतिष की सलाह के बिना रत्न धारण नहीं...

Click here
img

रूद्राक्ष के प्रयोग

यदि मन्त्र षकित (विधान) के साथ धारण किया...

Click here
img

ग्रह दान वस्तु चक्रम

टीका-साधु, ब्रáणों और भूखों को भोजन कराने...

Click here
img

मंगली दोश के उपाय

जातक के लग्न में अषुभ मंगल होने से मंगली दोश बनता हो तो जातक को...

Click here
consult

You will get Call back in next 5 minutes...

Name:

*

 

Email Id:

*

 

Contact no.:

*

 

Message:

 

 

Can ask any question