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7 तारिख को पूरे दिन रहेगा गुरुपुष्य योग

7 तारिख को पूरे दिन रहेगा गुरुपुष्य योग… खूब करें खरीददारी, महत्वपूर्ण कार्य और नए कार्यों की शुरुआत यह है श्रेष्ठ दुर्लभ मुहूर्त -  
 
हिन्दू वैदिक परम्पराओं और ज्योतिषीय दृष्टि से किसी भी नए कार्य की शुरुआत या नयी वस्तुओं के लेनदेन में शुभ मुहूर्त का बड़ा विशेष महत्व होता है और किस भी दिन शुभ मुहूर्त की उपस्थिति उस दिन किये गए कार्यों के सुमंगल और सफलता को निश्चित करती है इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने के लिए पंचाँग शुद्धि के अनुसार मुहूर्त निकाला जाता है...... वैसे तो पंचांग में अलग अलग कार्यों के लिए वर्ष भर के बहुत से शुभ मुहूर्त होते हैं परन्तु कुछ ऐसे सिद्ध और सफलतादायक मुहूर्त होते हैं जो प्रत्येक कार्य के लिए उपयोगी और शुभ परिणाम देने वाले होते हैं......... गुरु-पुष्य योग भी एक ऐसा ही सिद्ध योग है ज्योतिष की मुहूर्त शाखा में गुरु-पुष्य योग को बहुत ही दुर्लभ माना गया है क्योंकि यह योग पूरे साल में केवल दो या तीन बार ही बनता है....... सभी वारों में बृहस्पतिवार या गुरूवार को परमशुभ और मंगलकारक माना गया है तो वही नक्षत्रो में "पुष्य नक्षत्र" को श्रेष्ठ माना गया है तो जब भी कभी संयोगवश गुरूवार को पुष्य नक्षत्र उपस्थित होता है तो गुरूवार और पुष्य नक्षत्र दोनों के मेल से गुरु-पुष्य योग का निर्माण होता है जो की एक बहुत दुर्लभ और श्रेष्ठ समय होता है…..
 
7 दिसम्बर गुरूवार को इस बार पुष्य नक्षत्र उपस्थित होने से गुरुपुष्य योग बन रहा है पर इस बार बन रहे इस गुरुपुष्य योग में यह बात बहुत ही विशेष है के प्रातः काल से लेकर रात तक पुरे दिन गुरुपुष्य योग उपस्थित रहेगा ऐसा बहुत कम होता है के गुरुपुष्य योग की उपस्थिति पुरे दिन हो पर इस बार ऐसा  दुर्लभ संयोग बन रहा है....... 7 दिसम्बर को प्रातःकाल से ही गुरुपुष्य संयोग शुरू हो जायेगा जो की रात  7 बजकर 53 मिन्ट तक उपस्थित रहेगा जो की सभी शुभ मंगलकार्यों नए कार्यों में सफलता देने वाला होगा.........तो 7 तारिख को प्रातः काल से लेकर पूरे ही दिन आप अपने सभी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं यह बहुत श्रेष्ठ मुहूर्त है। (बृहस्पतिवार को दोपहर डेढ़ से तीन बजे के बीच राहुकाल रहेगा इसलिए पुरे दिन में केवल दोपहर 1:30 से 3 बजे के बीच के समय में खरीददारी ना करें बाकी पूरा दिन बहुत श्रेष्ठ है)
 
इन कार्यों के लिए श्रेष्ठ है गुरु-पुष्य योग - 
 
गुरु-पुष्य योग की उपस्थिति को किसी भी कार्य के लिए बहुत शुभ समय माना गया हैं और ये मुहूर्त बहुत ही दुर्लभ होता है - गुरुपुष्य योग में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करना, नीव पूजन, गृह प्रवेश,  ऑफिस ओपनिंग, उद्योग आरम्भ करना, नया वाहन खरीदना, नयी वस्तुएं खरीदना, बिजनेस डील करना, यात्रा पर जाना, इम्पोर्टेन्ट मीटिंग्स करना, आभूषण ख़रीदना, रोकना रश्म, सगाई, महत्वपूर्ण निर्णय लेना आदि    आदि सभी कार्यों के लिए गुरुपुष्य योग बहुत शुभ परिणाम देता है। 
 
(7 दिसंबर को प्रातः काल से लेकर रात 7 : 53 तक पूरे दिन गुरुपुष्य योग विध्यमान रहेगा तो पुरे दिन अपने महत्वपूर्ण कार्य करें केवल दोपहर डेढ़ से तीन बजे के बीच राहुकाल के समय का त्याग करें)

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