logo
India Free Classifieds
Consult Your Problem Helpline No.
8739999912, 9950227806


यह खाकर अपने ग्रहों को बनाएं मजबूत

यह खाकर अपने ग्रहों को बनाएं मजबूत, होनेवाले हैं सभी राशियों के अच्छे दिन, आज ही आजमाएं
 
यह खाकर अपने ग्रहों को बनाएं मजबूत
 
SUNसूर्य : सूर्य अगर मजबूत हो तो हमें मान- सम्मान, सुख-समृध्धि मिलती है पिता का संग और सहयोग मिलता है !
 
अगर सूर्य कमजोर हो तो मुंह में थूक ज्यादा बनेगा, होंटों के किनारों पर थूक इकट्ठा हो जाता हैं पिता से नहीं बनेगी, सरकार से या सरकारी नौकरी में सस्पेंड होना या झूठे आरोप लगना मान सम्मान को ठेस पहुंचना आदि परेशानी रहेगी !
 
सूर्य_को_बल_देने_के_लिए चौकर वाले आटे कि रोटी खाएं, फल अधिक खाएं, गुड़ खाकर ऊपर से पानी पियें, रोज़ाना व्यायाम करें, सूर्य को जल दें !
 
MOONचन्द्र : माँ से दूरी बन जाये, जातक वहमी हो जाये, हाथ-पैर शिथिल पड़ जाएँ, चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ जाएँ, मन में उमंग ख़ुशी न रहे तो समझें चंद्रमा खराब है !
 
चंद्रमा_को_ठीक_करने_के_लिए दूध में हरी इलायची डालकर पियें, खीर खाएं, केवडा डालकर और चांदी के गिलास में पानी और दूध पियें लीची, पनीर, नारियल खाये और मखाने की खीर खाने से चन्द्र मजबूत होता है !
जंक_फ़ूड_खाने_से_बचें_क्योंकि_इससे_राहू_एक्टिव_हो_जाता_है !
 
MARSमंगल : जल्दी थकना, भाई-बहन से झगड़ा हो या दूरी बन जाये, चोट ज्यादा लगे हड्डीयो का टूटना शरीर में खून की कमी हो जाये और शरीर में ऊर्जा की कमी रहें तो समझ लें मंगल ख़राब हैं
 
मंगल_को_ठीक_करने_के_लिए पपीता, चुकंदर खाएं, गुड़ डालकर मीठी लस्सी पियें, लौकी, तौरी की सब्जी खाएं, मंगल मजबूत होगा
 
MERCURYबुध : बुध कमजोर होगा तो दांत ख़राब होंगे, जातक अपने विचारों को अभिव्यक्त नहीं कर पायेगा, स्किन (त्वचा) के रोग हो जाते हैं, बुद्धि ख़राब हो जाती है, मेमोरी कम हो जाती है !
 
बुध_को_ठीक_करने_के_लिए हरी मिर्च, आंवला, हरी सब्जियों का खूब सेवन करे, तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पिये !
 
JUPITERगुरु: गुरु ख़राब हो तो जातक मोटा होता चला जाता है, आपसी रिश्ते बिगड़ जाते है, लीवर ख़राब हो जाता है, अस्तमां सांस की बीमारी हो
जाती है !
 
गुरु_को_ठीक_करने_के_लिए अनार और पपीता, गन्ना खायें, गुड खाए !
 
सूर्य_अगर_सम्मान_देता_है_तो_गुरु_उस_सम्मान_को_बनाये_रखता_है !
इसलिए गुरु को मजबूत रखें, सांस की बीमारी हो तो रात को दुध में दो चुटकी हल्दी डालकर पिये, केला के सेवन से भी गुरु मजबूत होता है
 
VENUSशुक्र : शुक्र ख़राब हो तो तन, मन, धन सब पर ग्रहण लग जाता है, धन, वैभव, ऐश्वर्य सभी कुछ शुक्र अच्छा हो तो ही मिलता है !
 
शुक्र_को_बली_रखने_के_लिए साबूदाने की खीर खाएं, पनीर खाएं, छेना तथा छेने कि बनी मिठाइयां खायें, दूध पछाड़कर उस पानी को पीने से भी शुक्र मजबूत होता है !
 
SATURNशनि : व्यवहारिक जीवन में कुछ पाना है तो शनि मजबूत होना चाहिए !
 
शनि_को_ठीक_करने_के_लिए उड़द, चावल आदि में (लौंग) डालकर खाएं, राई का पानी पीयें शनि मजबूत होगा !
 
RAHU_KETUराहु_केतु : राहु शनि के सामान है और केतु मंगल के समान अतः शनि और मंगल कि चीजें खानी चाहिए !
 
न्यायाधिपति कहलाने वाले *शनिदेव* 25 अगस्त 2017 शुक्रवार को सायं 5 बजकर 19 मिनट पर वृश्चिक राशि में मार्गी हो रहे हैं। शनि 6 अप्रैल 2017 को वक्री हुए थे। लगभग 141 दिन वक्री रहने के दौरान शनि ने सभी राशियों के साथ-साथ पृथ्वी के समस्त पर्यावरण को भी प्रभावित किया। शनि के वक्रत्व काल के दौरान लगभग सभी राशि के जातकों को जीवन में कोई न कोई परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
कई लोगों के चलते काम रूक गए। कई लोगों के परिवार में कोई बड़ी हानि हुई। इस दौरान दुर्घटनाएं, प्राकृतिक आपदाएं, बाढ़, अकाल जैसी स्थिति भी बनी। लेकिन 25 अगस्त को शनि के पुनः मार्गी होने से समस्त राशि वाले जातक राहत महसूस करेंगे। इस तरह वृश्चिक राशि में मार्गी होने के बाद शनि पुनः धनु राशि में 26 अक्टूबर 2017 गुरुवार को सायं 6 बजकर 11 मिनट पर लौट आएंगे।
 
मेष: मेष राशि के अष्टम भाव में शनि मार्गी होगा। अब तक इस राशि वाले जो लोग शारीरिक रोग, परेशानियों और मृत्यु तुल्य कष्ट से गुजर रहे हैं उन्हें राहत मिलेगी। स्थितियां अनुकूल होने लगेंगी। नौकरी में बाधा दूर होगी और तरक्की मिलने के योग बनेंगे। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति प्राप्त होगी। विवाह का योग बनेगा। मेष राशि वालों को शनि का ढैया तो रहेगा, लेकिन मार्गी होने से आर्थिक करने के साथ ही इस राशि वालों को पूरी तरह राहत मिल जाएगी।
 
वृषभ: वृषभ राशि के सप्तम भाव में वृश्चिक के शनि मार्गी होंगे। शनि के वक्रत्व काल में इस राशि वाले दांपत्य जीवन में संकट के दौर से गुजर रहे थे। उनकी परेशानियां खत्म होंगी। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी। तलाक जैसी स्थिति का सामना अब नहीं करना पड़ेगा। प्रेमी-प्रेमिकाओं के संबंध फिर से पटरी पर आ जाएंगे। भाग्योदयकारी योग बनेंगे। आर्थिक रूकावटें खत्म होंगी। साझेदारी में किए गए बिजनेस से लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा। पारिवारिक सहयोग अच्छा मिलेगा। नया मकान खरीदने का मार्ग खुलेगा
 
मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए शनि की स्थिति छठे भाव में है। यह भाव रोग, शत्रु, मुकदमेबाजी का भाव है। शनि के मार्गी होते ही बीमारियों से छुटकारा मिलेगा। बीमारियों पर हो रहे खर्च में कमी आएगी। अब तक जो शत्रु आप पर हावी हो रहे थे वे अचानक गायब हो जाएंगे और आपको राहत मिलेगी। रूका हुआ धन और उधारी लौट जाएगी। किसी वरिष्ठ अधिकारी के सहयोग से नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय में लाभ मिलना प्रारंभ होगा। मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
 
कर्क: कर्क राशि के लिए शनि पंचम स्थान को प्रभावित करेगा। मार्गी शनि के कारण आपकी संतान को उन्नति मिलना प्रारंभ होगी। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सफलता मिलेगी। आय के नए साधन प्राप्त होंगे। ननिहाल पक्ष की ओर से लाभ प्राप्त होगा। आपके ईष्ट देव की कृपा बनेगी और आपके समस्त कार्यों की बाधाएं समाप्त होंगी। यदि आप विवाहित हैं और अब तक संतान नहीं है तो संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। कार्य व्यवसाय और नौकरी में स्थायित्व आएगा। अटके समस्त कार्य होने लगेंगे। शिक्षा से संबंधित कार्यों के सिलसिले में विदेश यात्राएं करेंगे
 
सिंह: सिंह राशि के लिए शनि का मार्गी गोचर चतुर्थ स्थान में होगा। सुख के साधनों में वृद्धि होगी। भूमि, भवन, स्थायी संपत्ति और वाहन सुख की प्राप्ति होगी। अढैया शनि 26 अक्टूबर तक चलता रहेगा लेकिन मार्गी होने के कारण अधिक कष्टप्रद स्थिति नहीं रहेगी। परिवार में चल रही विवादित और तनावपूर्ण स्थितियों में राहत महसूस होगी। लंबे समय से वाहन खरीदने का सोच रहे हैं लेकिन नहीं खरीद पा रहे हैं तो अब खरीद पाएंगे। अपने मकान का रिनोवेशन करवाएंगे। माता पक्ष से लाभ बनेगा। इस राशि के हृदय रोगी रोग मुक्त होंगे।
 
कन्या: कन्या राशि वालों के लिए वृश्चिक के मार्गी शनि लाभदायक साबित होंगे। इस राशि के तीसरे भाव यानी पराक्रम भाव में शनि का मार्गी होना अत्यंत लाभदायक स्थितियां निर्मित करेगा। भाई-बहनों से सुख प्राप्त होगा, उनसे संबंधों में चल रही कड़वाहट दूर होगी। स्वयं के बल, पराक्रम में वृद्धि होगी। रोगों से छुटकारा मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों का ओहदा बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में लाभदायक योग बनेंगे। शत्रु समाप्त होंगे। श्वांस और फेफड़ों संबंधी रोगों से जूझ रहे इस राशि के जातकों को राहत मिलेगी।
 
तुला: तुला राशि वालों के द्वितीय स्थान यानी धन भाव में शनिदेव मार्गी होकर लाभ पहुंचाने वाले हैं। इस राशि वालों को अभी उतरती साढ़ेसाती है जो 26 अक्टूबर को शनि के धनु राशि में प्रवेश करते ही उतर जाएगी। इस राशि वाले अभी तक भयानक मानसिक, शारीरिक कष्ट और खर्च के दौर से गुजर रहे थे, लेकिन 25 अगस्त को शनि के मार्गी होते ही राहत महसूस करेंगे और 26 अक्टूबर से पूरी तरह संकटों से मुक्त हो जाएंगे। नौकरीपेशा को तरक्की मिलेगी। व्यापारी वर्ग लाभ अर्जित करेंगे। अविवाहितों को विवाह सुख प्राप्त होगा। संपत्ति प्राप्त होगी
 
वृश्चिक: इस राशि के लग्न स्थान में वक्री शनि हैं जो 25 अगस्त को मार्गी हो जाएंगे। इससे कष्टकारी दिन बीत जाएंगे और समस्त प्रकार की बाधाएं हट जाएंगे। शनि के वक्रत्वकाल में इस राशि वालों ने भयंकर शारीरिक कष्ट भी भोगा है, जो अब ठीक हो जाएगा। खर्च में कमी आएगी। मानसिक स्थिति में सुधार आएगा। शत्रुओं का शमन होगा। आर्थिक कार्यों में आ रही रूकावट दूर होगी। संबंध सुधरेंगे। आपके ज्ञान, बल में वृद्धि होगी और स्वभाव में विनम्रता आएगी।
 
धनु: धनु राशि वालों के जीवन में शनि का मार्गी होना नया सूर्योदय लेकर आ रहा है। इस राशि वालों के जीवन में सबकुछ बदलने वाला है। इनका भाग्योदय होगा और अचानक कहीं से बड़ी धनराशि प्राप्त होगी। अनियंत्रित होते जा रहे खर्चों से राहत मिलेगी। बचत होने लगेगी। नेत्र रोगियों का रोग ठीक होगा। रूका पैसा मिलेगा। पदोन्नति के योग बनेंगे।
 
मकर: मकर राशि के लिए मार्गी शनि एकादश स्थान लाभ भाव में रहेगा। यह आय स्थान भी है। इसलिए मकर राशि वालों के आय के साधनों में वृद्धि होगी। धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। वाहन सुख की प्राप्ति संभव हो सकेगी। नया मकान खरीदना चाहते हैं तो स्थितियां अनुकूल होंगी। बड़े-भाई बहन से संबंध सुधरेंगे और लाभ प्राप्त होगा।
 
कुंभ: कुंभ राशि वालों के लिए शनि दशम भाव में मार्गी होगा। यह राज्य से लाभ, पिता, कर्म और पद-प्रतिष्ठा प्रदान करने वाला भाव है। इसलिए कुंभ राशि वालों को मार्गी शनि पद-प्रतिष्ठा दिलवाएगा। खोया सम्मान पुनः लौट आएगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों का स्थानांतरण हो सकता है, लेकिन वह तरक्की के लिए होगा। इनके पिता से संबंध सुधरेंगे।
 
मीन: 25 अगस्त से मार्गी शनि मीन राशि वालों का भाग्य चमकाने वाला है। भाग्य में अब तक आ रही रूकावटें खत्म होंगी औन इन्हें सत्कर्मों की ओर अग्रसर करेगा। धर्म की ओर रूझान बढ़ाएगा। तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। यदि आप विद्यार्थी हैं तो शिक्षा में विशेष सफलता मिलेगी। अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे। संतान की ओर से कोई अच्छा समाचार मिल सकता है।

More एक नज़र

ज्योतिष ज्ञान

img

पुत्र प्राप्ति यन्त्र

रविवार के दिन सर्पाक्षी के पत्तो से युक्त डाली लाकर एक...

Click here
img

कुन्डली रहस्य

पंचम भाव में शनि मंगल लग्नेष के साथ हो तो...

Click here
img

संतान का लिंग बताता है चीनी कैलेंडर

मनचाही संतान प्रापित के लिए सवरोदय विज्ञान का...

Click here
img

रत्नों की जांच कैसे हो

कभी भी ज्योतिष की सलाह के बिना रत्न धारण नहीं...

Click here
img

रूद्राक्ष के प्रयोग

यदि मन्त्र षकित (विधान) के साथ धारण किया...

Click here
img

ग्रह दान वस्तु चक्रम

टीका-साधु, ब्रáणों और भूखों को भोजन कराने...

Click here
img

मंगली दोश के उपाय

जातक के लग्न में अषुभ मंगल होने से मंगली दोश बनता हो तो जातक को...

Click here
consult

You will get Call back in next 5 minutes...

Name:

*

 

Email Id:

*

 

Contact no.:

*

 

Message:

 

 

Can ask any question