logo
India Free Classifieds

व्यापर को सफल बनाने हेतु वास्तु के १२ सूत्र

१. व्यापारिक संस्थान के मालिक को दक्षिण, पश्चिम या नैत्रातकोण में इस प्रकार बैठना चाहिए कि उसका मुंह सदेव उत्तर कि और रहे । दुकान व् शोरूम में बिक्री का सभी सामान दक्षिण, पश्चिम एंव वायव्य में रखना

चाहिए । बिक्री काउंटर पर खड़े सेल्समेन का मुंह पूर्व या उत्तर कि ओर होना चाहिए ।

२. कैश काउंटर, मालिक या मेनेजर के स्थान के ऊपर कोई बीम नहीं होना चाहिए ।

३. दुकान शोरूम में भारी वस्तुए या कम उपयोग कि वस्तु नेऋत्यकोण में रखे ।

४. जो मॉल काफी दिनों से नहीं बिक रहा हो उसे वायव्यकौण में रख देवे, शीघ्र ही बिक जायेगा ।

मुख्य कार्यालाय का प्रवेश द्वार उत्तर या पूर्व कि ओर होना चाहिए । कार्यालय में केंटीन आगयेनकोण में होना चाहिए । कार्यालय में खजांची व् लेखाः विभाग के कर्मचारियों को उत्तरदिशा में वैठना चाहिए । सभी केबिनों

के द्वार अंदर कि और खुलने चाहिए ।

५. स्वगात कक्ष प्रवेश  द्वार के समीप होना चाहिए तथा स्वागतकर्ता का मुख पूर्व या उत्तर कि और होना चाहिए । स्वागत कक्ष में उत्तर, पूर्व या ईशान कि तरफ सजावटी पौधे व् फूलो के गमले लगाये जा सकते है ।
६. स्वमिंग पूल उत्तर या पूर्व दिशा में बनाना चाहिए । सीढ़ियों कि संख्या विषम होनी चाहिए । सार्वजनिक सुविधाए भवन के नेऋत्यकोण या पशचिम में बनानी चाहिए ।

७. रेस्टोरेन्ट में रसोई आगयेनकोण में तथा वितरण काउंटर वायव्य में अनाना चाहिए ।

८. अस्पताल व् नर्सिंग होम  में दक्षिणमुखि  द्वार नहीं बनाना चाहिए ।  अस्पताल का आपातकाल वार्ड वायव्य के समीप उत्तर में बनाना चाहिए । अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष ( I.C.U) वायव्य में बनाना

चाहिए । प्रसूति ग ह वार्ड ईशान व् पूर्व के बीच में बनाना चाहिए ।

९. अस्पताल में शल्यचिकित्सा विभाग पशचिम में बनाना चाहिए । नेऋत्यकोण में किसी प्रकार का वार्ड नहीं बनाना चाहिए । रोगियो के कमरे दक्षिण में नहीं बनाना चाहिए तथा उनका सिर उत्तर दिशा में नहीं होना

चाहिए । मुर्दाघर या पोस्टमार्टम का कमरा दक्षिण में अनाना चाहिए । लिफ्ट उत्तर या पूर्व में बना सकते है । नर्सो का होस्टल वायव्यकोण व् उत्तर दिशा के बीच में तथा डॉक्टरो का होस्टल पश्चिम में बनाना चाहिए ।

१०. सिनेमा हॉल में पर्दा वायव्य या उत्तर दिशा में होना चाहिए । कल्व में ऑउटडोर गेम्स के स्टेडियम पूर्व, उत्तर या पश्चिम में बनाना चाहिए । क्लब में जिम्नेज़ियम पश्चिम में पूर्वमुखी बनाना चाहिए । क्लब में

मदिरालय पश्चिम में नहीं बनाना चाहिए । योगाभ्यास व् ध्यान के कमरे ईशान या पूर्व में होने चाहिए ।

११. विद्यालय में अध्यापन के कमरे पूर्व, उत्तर या पश्चिम में बनाना चाहिए । पढ़ते समय विधार्थीयो का मुंह उत्तर या पूर्व कि ओर चाहिए । स्टाफ रूम वायव्य या उसके आसपास होना चाहिए ।

१२. दुकान में तराजू पश्चिम, दुकान या वायव्य में होना चाहिए । बर्फखाने में बर्फ का संग्रह वायव्य में होना चाहिए । ज्योतिष कार्यलय में ज्योतिषी को पुस्तको व् पंचांग दांये हाथ कि तरफ रखने चाहिए । केमिस्ट कि

दुकान  नेऋतय में कोण भी दवाई नहीं रखनी चाहिए । पीने का पानी ईशान कोण में रखना चाहिए । तैयार माल के सैंपल, बिक्री विभाग से सम्बंधित अधिकारी व् कर्मचारी में ही रखने चाहिए 

More Vastu

ज्योतिष ज्ञान

img

पुत्र प्राप्ति यन्त्र

रविवार के दिन सर्पाक्षी के पत्तो से युक्त डाली लाकर एक...

Click here
img

कुन्डली रहस्य

पंचम भाव में शनि मंगल लग्नेष के साथ हो तो...

Click here
img

संतान का लिंग बताता है चीनी कैलेंडर

मनचाही संतान प्रापित के लिए सवरोदय विज्ञान का...

Click here
img

रत्नों की जांच कैसे हो

कभी भी ज्योतिष की सलाह के बिना रत्न धारण नहीं...

Click here
img

रूद्राक्ष के प्रयोग

यदि मन्त्र षकित (विधान) के साथ धारण किया...

Click here
img

ग्रह दान वस्तु चक्रम

टीका-साधु, ब्रáणों और भूखों को भोजन कराने...

Click here
img

मंगली दोश के उपाय

जातक के लग्न में अषुभ मंगल होने से मंगली दोश बनता हो तो जातक को...

Click here

Can ask any question