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भवन निर्माण और वास्तु दोष

◆भारतिय वास्तु मे, भवन के पुरब में द्वार और उत्तर में खिड़कियाँ रखने से सदा लाभ होता है।
◆भूखण्ड के उत्तर-पूर्व-इसान में अण्डर ग्राउण्ड पानी का टैंक रखने से स्थिर व्यवसाय एवं लक्ष्मी का लाभ होता है।
◆उत्तर पूर्व के अण्डर ग्राउण्ड टैंक से रोजाना पानी निकाल कर पेड़ पौधे सीचने से धन वृद्धि होती है।
◆भवन के उत्तर पूर्व का फर्श सबसे नीचा होना चाहिए तथा दक्षिणपश्चिम का फर्श सबसे ऊंचा रखने से आय अधिक रहती है।
◆भूखण्ड के उत्तर में खुशबु से लाभ रहता है।
◆भवन के मुख्यद्वार को सबसे बड़ा रखना चाहिए यह सबसे सुंदर भी होना चाहिए। मुख्यद्वार के ऊपर ओम या स्वास्तिक
बैठाने से घर में सभी प्रकार की सुख सुविधा रहती है।
◆घर में यदि पांजिटिव ऊर्जा नहीं हो तो रोजाना नमक युक्त पानी का पौंछा लगाना चाहिए। भूखण्ड के उत्तर-पूर्व में साबुत फटकरी की डली रखने से भी घर में पांजिटिव ऊर्जा का संचालन होता है। इसे 4-5 महीने में बदलते रहना चाहिए।
◆घर के तीनों भाग व्याव्य, ईशान और उत्तर खुला रखने
से तथा भूखण्ड की ढलान उत्तर-पूर्व एवं पूर्व, उत्तर की ओर रखने से लक्ष्मी रूपी धन बढता है। अर्थात धन की कमी नहीं रहती है।
◆भूखण्ड या भवन के उत्तर पूर्व में हरे रंग की शीशे की बोतल में जल भरकर रखने से तथा इस जल का सेवन एक दिन पश्चात करने से घर वालों का स्वस्थ सही रहता है।
सुबह एवं सांय सम्पूर्ण घर में कपूर, लोबान, गुगल, को जलाने से घर के दोषों में कमी आती है।
◆भवन में दक्षिण-पश्चिम की दीवार मजबूत रखने से आर्थिक पश्चिम स्थिति मजबूत रहती है।
◆भवन का दक्षिण पश्चिम भाग ऊंचा रखने से यश एवं
प्रसिद्धी मिलती है।
◆भवन का मध्य आकाश व धरती तत्व, खुला रखने से परिवार में सभी सदस्य मेल जोल से रहते हैं, स्वास्थ भी ठीक रहता है।
◆अपने ड्राइंग रूम मे आप सदा दक्षिणपच्छिम मे बैठे।
◆यदि कर सकें तो घर के मुख्यद्वार के दोनों ओर पत्थर या धातु का एक-एक हाथी रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।
◆भवन में आपके नाम की प्लेट (नेम प्लेट) को बड़ी एवं चमकती हुई रखने से यश की वृद्धि होती है।.पर दिशा के हिसास से.रंग चयन जरूर करके बनवाये।
पित्रो, स्वर्गवासी परिजनों के चित्र दक्षिणी दीवार पर लगाने से
पित्रदोष शान्त रहते है।
◆विवाह योग्य कन्या को{NW} उत्तर-पश्चिम के कमरे में सुलाने से विवाह शीघ्र होता है।
◆किसी भी दुकान या कार्यालय के सामने वाले द्वार पर एक काले कपडे में फिटकरी बांधकर लटकाने से लाभ निरन्तर बना रहता है। धंधा चलता बेरोक-टोक चलता है।
◆किसी भी भवन में प्रातः एवं सायंकाल को शंख/घंटी बजानें से बेक्टिरिया में कमी होती है।
◆घर के उत्तर में गंगा जल रखने से घर में सुख सम्पन्नता बढ़ती है।
◆पीपल की पूजा करने से श्री तथा यश की वृद्धि होती है। इसका स्पर्श मात्रा से शरीर में रोग प्रतिरोधक तत्वों की वृद्धि होती है। दमा भी ठीक होता है।
◆घर में नित्य गंगाजल का छिडकाव करने से सभी प्रकार
के कुछ दोषों से छुटकारा मिलता है।
◆यदि मुख्यद्वारं पर आम, पीपल, अशोक के पत्तों का बंदन  वार लगाने से वंश वृद्धि होती है।
■★टोटका★■
-कारोबारी सफलता के लिए प्रत्येक अमावस्या के दिन अपने पूरे घर की सुंदर सफाई करें। तत्पश्चात परिवार के सभी सदस्य नहा धोकर शुद्ध वस्त्र धारण करके एक जगह एकत्रित होकर अपने बीच में चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछा दें। वस्त्र के ऊपर 11 मुट्ठी मसूर की दाने रखकर उसके ऊपर एक चौमुखा दीपक प्रज्ज्वलित कर रख दें, तत्पश्चात घर के सभी सदस्य सुंदर काण्ड का पाठ करें। कष्टों से छुटकारा मिलेगा।
-नया कारोबार, नई दुकान या कोई भी नया कार्य करने से पूर्व मिट्टी के पांच पात्र लें जिसमें सवाकिलो सामान आ जाएं। प्रत्येक पात्र में सवा किलो सफेद तिल, सवा किलो पीली सरसों, सवा किलो उड़द, सवा किलो जौ, सवा किलो साबुत मूंग भर दें। मिट्टी के ढक्कन से ढंक कर सभी पात्र को लाल कपड़े से मुंह बांध दें,और अपने व्यवसायकि स्थल पर इन पांचों कलश को रख दें। वर्ष भर यह कलश अपनी दुकान में रखें, ग्राहकों का आगमन बड़ी सरलता से बढ़ेगा और कारोबारी समस्या का निवारण भी होगा। एक वर्ष के बाद इन संपूर्ण पात्रों को अपने ऊपर से 11 बार उसार कर बहते पानी में प्रवाह कर दें। और नये पात्र भरकर रख दें।
-यदि आपको अपने कार्य में अनावश्यक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बार-बार कार्य में रूकावट आ रही हो, तो आप अपने घर में शनिवार के दिन तुलसी का पौधा लगाएं, और हर रोज सुबह-शाम घी का दीपक जलाने से कार्य में बार-बार आने वाली समस्या का निवारण बड़ी सरलता से हो जाएगा।
 -अगर कारोबार में अनावश्यक परेशानी आ
रही हो, लाभ मार्ग अवरोध हो रहा हो तो हर रोज
शाम को गोधूलि वेला में यानि साढ़े पांच से छ: बजे के बीच में
अपने पूजा स्थान में श्री महालक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करके या तुलसी के पौधे के सामने में गो घृत का दीपक जलाएं। दीपक प्रज्ज्वलित करने के बाद उसक अंदर अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए एक इलायची डाल दें। ऐसा नियमित 186 दिन करने से व्यापार में लाभ होगा। दीपक और इलायची हमेशा नया प्रयोग में लाएं।
 -कारोबार में समस्या आ रही हो, व्यवसाय चल नहीं रहा हो, और कर्ज से परेशान हो रहे हो तो, इस प्रयोग को करके देखें। यह प्रयोग किसी भी महीने शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार के दिन शुरू करें और नियमित 186 दिन करें। हर रोज स्नानो -परांत पीपल, बरगद या तुलसी के पेड़ के नीचे चौमुखा देसी घी का दीपक जलाएं। और शुद्ध कंबल का आसन बिछाकर एक पाठ विष्णुसहस्रनाम का करें तथा 11 माला ●ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:● मंत्र की जाप करें, माता लक्ष्मी की कृपा होगी और कारोबारी समस्या का निवारण हो जाएगा।
- यदि आपके व्यवसाय में बाधाएं चल रही हों तो आपको अपने कार्यस्थल पर पीले रंग की वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए तथा पूजाघर में हल्दी की माला लटकानी चाहिए।
भगवान लक्ष्मी-नारायण श्री विष्णु जी के मंदिर में लड्डू का भोग लगाना चाहिए।
- व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ की प्राप्ति नहीं हो रही हो तो किसी भी शनिवार के दिन नीले कपड़े 21 दानें रक्त गुंजा के बांधकर तिजोरी में रख दें। हर रोज धूप, दीप अवश्य दिखाएं। अपने इष्टदेव का ध्यान करें। ऐसा नियमित करने से व्यापार में लाभ मिलेगा और सफलता भी प्राप्त होगी।
कारोबारी, पारिवारिक, कानूनी परेशानियों से छुटकारा दिलाने वाला अमोध प्रयोग आप अपना काम कर रहे हो कठिन परिश्रम के बावजूद भी लोग आपका हक मार देते हैं। अनावश्यक कार्य अवरोध उत्पन्न करते हों। आपकी गलती न होने के बावजूद भी आपको हानि पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हो तो, यह प्रयोग आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिध्द होगा। रात्रि में 10 बजे से 12 बजे के बीज में यह उपाय करना बहुत ही शुभ रहेगा। एक चौकी के ऊपर लालकपड़ा बिछा कर उसके ऊपर 11 जटा वाले नारियल। प्रत्येक नारियल के ऊपर लाल कपड़ा लपेट कर कलावा बांध दें। इन सभी नारियल को चौकी के ऊपर रख दें। घी का दीपक जला करके धूप-दीप नेवैद्य पुष्प और अक्षत अर्पित कर। नारियल के ऊपर कुमकुम से स्वस्तिक बनाए और उन प्रत्येक स्वस्तिक के ऊपर पांच-पांच लौंग रखें और एक सुपारी रखें। माँ भगवती का ध्यान करें। माँ को प्रार्थना करें, कष्टों की मुक्ति के लिए। कम्बल का आसन बिछा कर ●ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:●11 माला करें, तत्पश्चात नारियल सहित समस्त सामग्री को सफेद कपड़े में बांध कर अपने ऊपर से 11 बार वार कर सोने वाले पलंग के नीचे रख दें। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बिना किसी से बात किए यह सामग्री कुएं, तालाब या किसी बहते हुए पानी में प्रवाह कर दें। कानूनी कैसी भी समस्या होगी उससे छुटकारा मिल जाएगा।

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