14 दिसम्बर से 24 जनवरी तक सप्तग्रही योग

14 दिसम्बर से 24 जनवरी तक सप्तग्रही योग

14 दिसम्बर से 24 जनवरी तक सप्तग्रही योग बन रहा है बुद्धि के देवता बृहस्पति देव स्वयं की राशि धनु में अस्त हो गए  हैं बुध देव अस्त हैं।

-16 को सूर्य देव धनु में प्रवेश, खर मास शुरू हो गया।

-25 को चंद्र और बुद्ध भी धनु राशि में प्रवेश करेंगे और चंद्र भी अस्त हो जायेंगे।

-25,26 को धनु राशी में ६ ग्रह रहेंगे और सामने मिथुन में राहु विराजमान हैं इस प्रकार सप्तग्रही योग बन रहा है जिनमे धनु राशि में केतु शनि को छोड़कर चार ग्रह अस्त हो जायेंगे।

-26 को प्रातः 8:17 से 10:57 तक सूर्य ग्रहण होगा। इस 44,दिन कीअवधि मे बहुत सारी खगोलीय घटनाएँ घटेंगी। धनुराशि पूर्व की राशि है और पूर्व में घटनाएं पूर्वांचल में शुरू हो गई हैं।मिथुन पश्चिम की राशि है वहां भी प्राकृतिक दुर्घटनायें शुरू हो गई है।

-27 को न्याय के देवता शनि देव अस्त हो जावेंगे। राहु केतु के अन्याय का दौर शुरू रहेगा।

-28 दिसम्बर से 10 जनवरी के बीच पड़ोसी, देश पाकिस्तान कोई बड़ी गलती कर सकता है तथा पूर्व में हांगकांग में भी कत्ले आम की स्थिति बन सकती है।

-10 जनवरी को गुरुदेव उदित होंगे और सभी गलतियों का खामियाजा पडोसी को मिलेगा।

-15 जनवरी को सूर्य धनु से मकर में प्रवेश करके उत्तरायण हो जायेगे   और 24 को शनि देव स्व राशि मकर में प्रवेश करेंगे।

-24 जनवरी से ज्ञान के देव गुरु स्वराशि में,न्याय के शनि स्वराशी में रहेंगे। राहु केतु सितम्बर 2020तक अपनी उच्च राशि में रहेंगे। इस अवधि में भारत का पूर्ण उत्कर्ष होगा।

-शेष दिसम्बर, से 24 जनवरी तक अपने विवेक से काम लें यात्रायें न करें गणपति और सूर्य की आराधना करें।विशेष करके धनु,मिथुन,बृष,कर्क, मकर,राशि वाले विशेष सतर्क रहें।

गर्भवती महिलाएं इस अवधि में पूरी तरह सतर्क रहें क्योंकि सन्तान के कारक और रक्षक बृहष्पति अस्त हो रहे हैं।अतः सात्विक खानपान और सूर्य एवं गणपति की आराधना करते रहें।

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